सभी लोगों की निगाहें चांद पर

चंद्रयान 3 की सफलता के बाद बाद अब आज फिर से एक नए सवेरे की उम्मीद है। 15 दिन पहले चंद्रमा पर सूर्यास्त के बाद Pragyan Rover और Vikram lander को स्लीप मोड में डाल दिया गया था लेकिन आज चांद पर सूर्योदय होने वाला है, उम्मीद की जा रही है कि रोवर और लैंडर ठीक हो और हम भारतीयों को एक नया सवेरा दिखाए। 23 अगस्त को यह मिशन सफल हुआ था और 4 सितंबर को सूर्यास्त के साथ ही दोनों को स्लीप मोड में भेज दिया गया था।

क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

Chandrayaan-3 lunar mission का दूसरा चरण अब शुरू हो जा रहा है। पूरे विश्व की नजर Pragyan Rover और Vikram lander पर बनी हुई है। ISRO Chairman G Madhavan Nair ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए में कहा है कि यह बिल्कुल ऐसा ही है जैसा कि आप फ्रीजर में रखें किसी चीज के ठीक होने और उसके इस्तेमाल की उम्मीद करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि चांद पर -150 degrees Celsius तक तापमान पहुंच जाता है।

अब ऐसे तापमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का ठीक रहना और काम करना जरा सा चिंता का विषय तो है ही।

Chandrayaan-3 : विक्रम लैंडर स्लीप मोड में, 22 सितंबर को होगी अब अगली सुबह, भारतीयों को नए सवेरे की उम्मीद

उम्मीद पर दुनिया कायम

हालांकि स्थिति जो भी हो लेकिन उम्मीद पर कायम रहना जरूरी है। ऐसा माना जा रहा है कि सूर्य की किरणों के पड़ने के साथ ही दोनों को हिट मिलेगी। इससे बैटरी के काम करने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो परिणाम हमारे पक्ष में होगा।