चीन और ईरान के बीच दोस्ती और मजबूत होती दिख रही है। चीनी विदेश मंत्री Wang Yi ने साफ कर दिया है कि चीन, ईरान की संप्रभुता और उसकी सुरक्षा का पूरा समर्थन करता है। यह जानकारी नई दिल्ली में हुई एक अहम मुलाकात के बाद सामने आई है।

22 जून 2026 को नई दिल्ली में BRICS मीटिंग के दौरान चीनी विदेश मंत्री Wang Yi और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी Ghadir Nezami के बीच बातचीत हुई। इस मुलाकात में चीन ने ईरान की आजादी और राष्ट्रीय गरिमा का साथ देने की बात कही।

Wang Yi ने ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और कतर की मदद से एक 14 पॉइंट का समझौता (MoU) तैयार किया गया है। चीन का कहना है कि यह समझौता काफी मेहनत से बनाया गया है और अगर इसे सही से लागू किया गया, तो इससे मिडिल ईस्ट में शांति लौटेगी और ईरान-अमेरिका के रिश्तों में सुधार होगा।

चीन ने यह भी साफ किया कि वह ईरान का एक रणनीतिक पार्टनर है और उसे खाड़ी देशों (Gulf countries) और अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ संबंध सुधारने में पूरा सहयोग देगा। चीन का मानना है कि यह समझौता अंतरराष्ट्रीय नियमों और UN चार्टर के हिसाब से है।

ईरान की तरफ से Ghadir Nezami ने चीन के इस राजनीतिक समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि ईरान और चीन की यह साझेदारी बहुत जरूरी है, खासकर अमेरिका के साथ हो रहे समझौतों को जमीन पर उतारने के लिए।

बता दें कि इससे पहले जनवरी 2026 में चीन, ईरान और रूस के बीच एक त्रिपक्षीय रणनीतिक समझौता भी हुआ था। इस समझौते में तीनों देशों ने किसी एक देश की मनमर्जी वाली नीतियों को नकारने और परमाणु संप्रभुता की रक्षा करने का फैसला किया था।

ईरान के विशेष प्रतिनिधि मोहम्मद बागर गालीबाफ ने भी कहा कि चीन उनकी विदेश और आर्थिक नीति में एक खास जगह रखता है। ईरान चीन को सिर्फ एक व्यापारिक साथी नहीं, बल्कि एक सच्चा पार्टनर मानता है।