चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। चीन ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को नहीं मानेगा। चीन के Ministry of Commerce ने एक आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि ईरान से तेल खरीदने वाली चीनी रिफाइनरियों पर अमेरिकी पाबंदियों को देश के भीतर लागू नहीं किया जाएगा।
चीन ने अमेरिका के प्रतिबंधों को क्यों रोका?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका के ये कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और आपसी संबंधों के नियमों के खिलाफ हैं। चीन का मानना है कि अमेरिका अपने कानूनों को दूसरे देशों पर जबरन थोप रहा है जो कि गलत है। इस फैसले को लागू करने के लिए चीन ने अपने National Security Law और Anti-Foreign Sanctions Law का सहारा लिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने कहा कि अमेरिका को अपनी इस मनमानी और ‘लॉन्ग-आर्म ज्यूरिसडिक्शन’ की आदत छोड़ देनी चाहिए।
किन कंपनियों पर था असर और क्या है विवाद?
अमेरिका का Treasury Department ईरान की कमाई रोकने के लिए उसकी तेल बिक्री पर लगाम लगाना चाहता है। इसी कड़ी में अमेरिका ने अप्रैल 2026 में Hengli Petrochemical (Dalian) Refinery पर प्रतिबंध लगाए थे। इसके अलावा पिछले साल 2025 में भी चार अन्य चीनी रिफाइनरियों पर पाबंदी लगाई गई थी।
- प्रभावित रिफाइनरियां: Hengli Petrochemical, Shandong Jincheng Petrochemical Group, Hebei Xinhai Chemical Group, Shouguang Luqing Petrochemical और Shandong Shengxing Chemical।
- अमेरिकी पक्ष: US Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि ईरान की वित्तीय कमर तोड़ने के लिए ये कदम जरूरी हैं।
- चीन का पक्ष: Hengli Petrochemical ने किसी भी तरह के ईरानी सौदे से इनकार किया और कहा कि उनके सप्लायर ने तेल की शुद्धता की गारंटी दी थी।
क्या सभी कंपनियों को मिली राहत?
दिलचस्प बात यह है कि चीन ने सभी कंपनियों का साथ नहीं दिया। 1 मई 2026 को अमेरिका ने Qingdao Haiye Oil Terminal Co., Ltd. पर प्रतिबंध लगाए थे क्योंकि उसने लाखों बैरल ईरानी कच्चा तेल मंगाया था। चीन ने अपने नए आदेश में इस कंपनी का नाम शामिल नहीं किया है, जिसका मतलब है कि इस कंपनी को सरकारी मदद नहीं मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध क्यों लगाए थे?
अमेरिका चाहता है कि ईरान को तेल बेचकर मिलने वाला पैसा बंद हो जाए ताकि ईरान अपनी गतिविधियों के लिए फंड इकट्ठा न कर सके।
चीन ने इस मामले में क्या कानूनी कदम उठाए हैं?
चीन ने अपने National Security Law और Anti-Foreign Sanctions Law के तहत एक आदेश जारी किया है ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों को चीन में मान्यता न दी जाए।