चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक जंग एक बार फिर तेज हो गई है। चीन की सरकार ने अमेरिका द्वारा अपनी पांच तेल रिफाइनरियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को पूरी तरह गैरकानूनी बताया है। बीजिंग ने अब एक ऐसा सख्त आदेश जारी किया है जिससे उसकी कंपनियां अमेरिकी नियमों को मानने से इनकार कर सकती हैं।

चीन ने अमेरिका के खिलाफ क्या कदम उठाया है?

चीन के वाणिज्य मंत्रालय (MOFCOM) ने शनिवार, 2 मई 2026 को एक औपचारिक आदेश जारी किया। इस कदम के जरिए चीन ने पहली बार अपने ‘ब्लॉकिंग स्टैच्यूट’ (blocking statute) का इस्तेमाल किया है। यह एक ऐसा कानूनी तरीका है जिससे विदेशी कानूनों के असर को खत्म किया जाता है। इस नए नियम के बाद अब चीन की कोई भी कंपनी, बैंक या शिपिंग फर्म अमेरिका के उन प्रतिबंधों को लागू नहीं करेगी जो चीन की संप्रभुता के खिलाफ हैं। साथ ही, अगर किसी कंपनी को अमेरिकी नियमों के कारण नुकसान होता है, तो वह अब चीनी अदालतों में हर्जाने के लिए केस कर सकती है।

किन कंपनियों को बचाने के लिए यह फैसला लिया गया?

अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान के साथ तेल व्यापार करने के आरोप में चीन की पांच रिफाइनरियों को निशाना बनाया था। चीन के इस आदेश से निम्नलिखित कंपनियों को सुरक्षा मिलेगी:

  • Hengli Petrochemical (Dalian) Refinery
  • Shandong Jincheng Petrochemical Group
  • Hebei Xinhai Chemical Group
  • Shouguang Luqing Petrochemical
  • Shandong Shengxing Chemical

इनमें से Hengli Petrochemical पर अप्रैल 2026 में प्रतिबंध लगाए गए थे, जबकि अन्य चार कंपनियों पर पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने कार्रवाई की थी। हालांकि, 1 मई 2026 को Qingdao Haiye Oil Terminal Co., Ltd. पर लगाए गए प्रतिबंधों को इस आदेश में शामिल नहीं किया गया है।

चीन ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए?

चीनी वाणिज्य मंत्रालय (MOFCOM) के प्रवक्ता और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने कहा कि अमेरिका अपने घरेलू कानूनों का इस्तेमाल करके चीनी कंपनियों के सामान्य व्यापार में दखल दे रहा है। चीन का दावा है कि ईरान के साथ उसका तेल व्यापार पूरी तरह पारदर्शी है और यह यूनाइटेड नेशंस (UN) के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करता है। चीनी अधिकारियों ने इसे ‘लॉन्ग-आर्म जुरिस्डिक्शन’ कहा है, जिसका अर्थ है कि अमेरिका अपनी सीमा से बाहर जाकर दूसरे देशों के व्यापार पर अपना नियंत्रण चलाने की कोशिश कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

चीन ने अमेरिका के प्रतिबंधों को रोकने के लिए क्या किया?

चीन के वाणिज्य मंत्रालय (MOFCOM) ने 2 मई 2026 को एक औपचारिक आदेश जारी कर ‘ब्लॉकिंग स्टैच्यूट’ लागू किया है। इसके तहत चीनी संस्थाओं को अमेरिकी प्रतिबंधों को मानने या लागू करने से मना किया गया है।

इस विवाद में कौन सी कंपनियां शामिल हैं?

इसमें Hengli Petrochemical, Shandong Jincheng, Hebei Xinhai, Shouguang Luqing और Shandong Shengxing जैसी पांच रिफाइनरियां शामिल हैं, जिन पर ईरान से तेल व्यापार करने के आरोप में अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए थे।