चीन ने ईरान में चल रहे युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करने की अपील की है। बीजिंग का कहना है कि खाड़ी और मध्य पूर्व (Middle East) इलाकों में शांति और स्थिरता वापस लाने के लिए यह बहुत जरूरी है। साथ ही चीन ने व्यापारिक जहाजों के लिए Strait of Hormuz को फिर से खोलने पर जोर दिया है ताकि ग्लोबल सप्लाई चेन में कोई रुकावट न आए।

चीन और अमेरिका के बीच बैठक में क्या तय हुआ

14 मई 2026 को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच एक अहम शिखर सम्मेलन हुआ। इस मीटिंग में दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि ऊर्जा की सप्लाई को बिना किसी बाधा के चलाने के लिए Strait of Hormuz का खुला रहना बहुत जरूरी है।

  • राष्ट्रपति Xi Jinping ने जहाजों पर किसी भी तरह का टोल टैक्स लगाने का विरोध किया।
  • चीन ने अमेरिका से अधिक मात्रा में तेल खरीदने में अपनी रुचि दिखाई।
  • दोनों देशों ने माना कि व्यापारिक रास्तों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता है।

ईरान की मौजूदा स्थिति और जहाजों की आवाजाही

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 14 मई को बयान दिया कि Strait of Hormuz सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है, बशर्ते वे ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करें। इस बयान से पहले ही 13 मई की रात से अब तक लगभग 30 चीनी जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति मिल चुकी है।

शांति के लिए चीन का क्या प्रस्ताव है

चीनी विदेश मंत्रालय ने Xinhua News Agency के माध्यम से कहा कि बातचीत ही समस्याओं को सुलझाने का सही रास्ता है और ताकत के इस्तेमाल से कोई नतीजा नहीं निकलता। चीन ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर (ceasefire) समझौते का स्वागत किया है। बीजिंग का मानना है कि ईरान के परमाणु मामले को डिप्लोमैटिक तरीके से सुलझाना चाहिए ताकि सभी संबंधित देशों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर शांति वार्ता को आगे बढ़ाने का वादा किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz का खुला रहना क्यों जरूरी है

यह रास्ता दुनिया भर में ऊर्जा और तेल की सप्लाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। अगर यह बंद होता है, तो ग्लोबल इंडस्ट्रियल और सप्लाई चेन प्रभावित होगी जिससे पूरी दुनिया में सामान महंगा हो सकता है।

चीन और अमेरिका के बीच क्या सहमति बनी

राष्ट्रपति Xi Jinping और Donald Trump ने 14 मई 2026 की बैठक में सहमति जताई कि ऊर्जा के मुक्त प्रवाह के लिए Strait of Hormuz को खुला रखा जाएगा और इस पर कोई टोल टैक्स नहीं लगाया जाएगा।