खाड़ी देशों में बढ़ते सैन्य तनाव और नागरिक सुविधाओं पर हो रहे हमलों को लेकर चीन ने अपना सख्त रुख साफ किया है। 20 जुलाई 2026 को बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने आधिकारिक रूप से इन हमलों का विरोध किया। उन्होंने विशेष रूप से सऊदी अरब के Abha International Airport पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान करना जरूरी है।
तनाव के बीच शांति की अपील
क्षेत्रीय स्थिति पर चिंता जताते हुए चीन ने सभी विवादों को कूटनीतिक और राजनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाने पर जोर दिया है। हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात बिगड़े हैं। 18 और 19 जुलाई को कुवैत की महत्वपूर्ण बिजली और पानी की परियोजनाओं पर हमले किए गए, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। वहीं, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने भी जानकारी दी थी कि उनके हवाई अड्डे की ओर आ रही एक मिसाइल को सफलतापूर्वक हवा में मार गिराया गया है।
लगातार हो रहे हमलों से बिगड़े हालात
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव Jasem Mohamed al-Budaiwi ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है। तनाव का यह दौर केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों से लगातार जारी है। इससे पहले 14 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र में चीन के प्रतिनिधि Sun Lei ने भी मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता जाहिर की थी। चीन का साफ कहना है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के तहत आम नागरिकों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका द्वारा ईरान पर की जा रही जवाबी कार्रवाई से स्थिति और भी जटिल होती जा रही है।
