अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ी खबर साझा की है। बताया गया है कि चीन, ईरान को आधुनिक रडार सिस्टम देने पर विचार कर रहा है। यह जानकारी CBS न्यूज़ की रिपोर्ट के बाद सामने आई है, जिसने दुनिया भर के सैन्य विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है।
चीन और ईरान के बीच रडार डील को लेकर क्या है मामला?
Defense Intelligence Agency (DIA) के अधिकारियों के मुताबिक, चीन ईरान को X-band रडार सिस्टम देने की तैयारी में है। इस तकनीक की मदद से ईरान कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को आसानी से ट्रैक कर पाएगा। यह कदम ईरान की सुरक्षा प्रणाली को पहले से कहीं ज़्यादा मजबूत बना सकता है।
चीन और अमेरिका की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि ये खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत हैं और चीन हथियारों के निर्यात के मामले में बहुत जिम्मेदार तरीका अपनाता है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि ईरान को सैन्य हथियार देने वाले देशों पर 50% टैरिफ लगाया जा सकता है।
मामले से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| CIA की प्रतिक्रिया | CIA ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है |
| रूस की भूमिका | रूस ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की जानकारी ईरान के साथ साझा की |
| अन्य हथियारों की खबर | चीन द्वारा ईरान को MANPADS (कंधे से दागे जाने वाले मिसाइल) देने की भी चर्चा है |
| नेविगेशन सिस्टम | ईरान ने अमेरिकी GPS को छोड़कर चीन के BeiDou सिस्टम को अपनाया है |
| पुराने रडार सिस्टम | ईरान के पास पहले से चीन के YLC-8B रडार होने की खबरें थीं |
| अमेरिकी चेतावनी | हथियार सप्लाई करने वाले देशों के लिए ‘बड़ी मुसीबत’ आने का संकेत |
