चीन और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान से तेल खरीदने के आरोप में चीन की पांच रिफाइनरियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। इसके जवाब में चीन ने पहली बार अपना एक खास कानून इस्तेमाल किया है और अपने नागरिकों और कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अमेरिका के इन प्रतिबंधों को बिल्कुल न मानें।

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चीन ने अमेरिका के खिलाफ कौन सा नियम लागू किया है?

चीन के वाणिज्य मंत्रालय (MOFCOM) ने 2 मई 2026 को एक आदेश जारी किया। इसमें “Rules on Counteracting Unjustified Extraterritorial Application of Foreign Legislation” नाम के कानून का इस्तेमाल किया गया है, जिसे ‘ब्लॉकिंग स्टैच्यूट’ भी कहा जाता है। इस नियम के तहत चीन ने साफ कर दिया है कि उसकी सीमा के अंदर अमेरिका के इन प्रतिबंधों को न तो पहचाना जाएगा और न ही लागू किया जाएगा। चीन का कहना है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है और दूसरों के काम में दखल दे रहा है।

किन कंपनियों पर लगा था प्रतिबंध और क्या है पूरा मामला?

अमेरिका ने आरोप लगाया कि ये कंपनियां ईरान के साथ तेल का व्यापार कर रही थीं, जिससे ईरानी सेना को फायदा हो रहा है। अमेरिका के ट्रेजरी और स्टेट डिपार्टमेंट ने कई कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया था। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

कंपनी का नाम प्रतिबंध की तारीख
Hengli Petrochemical (Dalian) Refinery Co. Ltd 24 अप्रैल 2026
Shandong Jincheng Petrochemical Group Co Ltd 9 अक्टूबर 2025
Hebei Xinhai Chemical Group Co Ltd 8 मई 2025
Shouguang Luqing Petrochemical Co Ltd 20 मार्च 2025
Shandong Shengxing Chemical Co Ltd 16 अप्रैल 2025
Qingdao Haiye Oil Terminal Co. Ltd 1 मई 2026

इस विवाद का आगे क्या असर होगा?

एक तरफ चीन ने सार्वजनिक तौर पर अमेरिका को चुनौती दी है, लेकिन अंदरूनी तौर पर खबर यह है कि चीन के वित्तीय नियामकों ने देश के बड़े बैंकों को इन पांच रिफाइनरियों को नया युआन लोन न देने की सलाह दी थी। इसके अलावा, अमेरिका ने ईरानी सामान ले जा रहे दो चीनी जहाजों को भी जब्त कर लिया है। अब सबकी नजरें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आने वाली बैठक पर हैं, जहां वे ‘ईरान युद्ध’ और इन प्रतिबंधों पर चर्चा करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

चीन ने अमेरिका के प्रतिबंधों के खिलाफ क्या कदम उठाया है?

चीन ने अपने ‘ब्लॉकिंग स्टैच्यूट’ कानून का इस्तेमाल करते हुए 2 मई 2026 को एक आदेश जारी किया, जिसमें कंपनियों और नागरिकों को अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन न करने को कहा गया है।

अमेरिका ने चीनी रिफाइनरियों पर प्रतिबंध क्यों लगाए?

अमेरिका का आरोप है कि ये रिफाइनरियां ईरान के साथ तेल का व्यापार कर रही थीं, जिससे ईरानी सैन्य गतिविधियों के लिए करोड़ों डॉलर जुटाई गई।