चीन के लिए मुश्किल समय शुरू हो गया है क्योंकि अप्रैल के महीने में वहां एनर्जी इम्पोर्ट यानी तेल और गैस के आयात में बहुत बड़ी गिरावट आई है। इसकी सबसे बड़ी वजह ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करना है। इस वजह से जहाजों का आना-जाना रुक गया और चीन को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
चीन के एनर्जी इम्पोर्ट में कितनी गिरावट आई?
चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स (GACC) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में ऊर्जा के आयात में भारी कमी देखी गई। तेल और गैस की सप्लाई चेन टूटने से चीन को अपनी घरेलू जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ा। नीचे दी गई टेबल में पूरी जानकारी दी गई है:
| आइटम | गिरावट (%) | कुल मात्रा / डेटा | खास बात |
|---|---|---|---|
| कच्चा तेल (Crude Oil) | 20% कमी | 38.5 मिलियन मीट्रिक टन | जुलाई 2022 के बाद सबसे निचला स्तर |
| प्राकृतिक गैस (Natural Gas) | 13% कमी | 8.42 मिलियन टन | LNG खरीदारी 8 साल के सबसे निचले स्तर पर |
| कोयला (Coal) | 13% कमी | 33.08 मिलियन टन | चीन ने घरेलू उत्पादन पर भरोसा बढ़ाया |
| रिफाइंड ऑयल एक्सपोर्ट | 38% कमी | 3.12 मिलियन टन | लगभग एक दशक का सबसे निचला स्तर |
| समुद्री कच्चा तेल | – | 8.03 मिलियन बैरल प्रतिदिन | जुलाई 2022 के बाद सबसे कम |
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों बंद हुआ और अमेरिका का क्या रोल है?
यह पूरा विवाद अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रही जंग की वजह से शुरू हुआ। ईरान ने 28 फरवरी 2026 से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जहाजों की आवाजाही को लगभग बंद कर दिया। हालांकि 8 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच एक छोटा युद्धविराम हुआ था, लेकिन कुछ ही घंटों में रास्ता फिर से बंद हो गया।
इसके बाद 13 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी कर दी। स्थिति को संभालने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 मई 2026 को ‘ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (Operation Project Freedom) की घोषणा की। इस मिशन के तहत अमेरिकी नेवी मर्चेंट जहाजों को खाड़ी से बाहर निकालने के लिए उन्हें सुरक्षा देगी।
अधिकारियों और सरकारों ने क्या कहा?
चीन के कस्टम्स विभाग (GAC) के सांख्यिकी और विश्लेषण निदेशक ल्यु डालियांग ने कहा कि अप्रैल में चीन के कुल आयात और निर्यात में दो अंकों की वृद्धि हुई है, जो व्यापार के लिए अच्छा संकेत है। लेकिन एनर्जी इम्पोर्ट की गिरावट एक अलग और गंभीर समस्या है।
दूसरी तरफ, ईरान के डिप्टी पार्लियामेंट स्पीकर अली निकजाद ने 4 मई 2026 को साफ किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने स्टैंड को नहीं छोड़ेगा और स्थिति पहले जैसी नहीं होगी। वहीं, अमेरिका का कहना है कि वह ईरान को इस रास्ते पर कंट्रोल नहीं करने देगा क्योंकि यह नेविगेशन की आजादी के खिलाफ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चीन के तेल और गैस आयात में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
ईरान ने अमेरिका-इसराइल युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जिससे चीन तक पहुंचने वाले तेल और गैस के जहाजों का रास्ता रुक गया।
अमेरिका ने चीन और अन्य देशों की मदद के लिए क्या कदम उठाया?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 मई 2026 को ‘ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया, जिसके तहत अमेरिकी नेवी मर्चेंट जहाजों को सुरक्षा देकर खाड़ी से बाहर निकालेगी।