चीन और पाकिस्तान ने एक साझा बयान जारी कर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। 31 मार्च 2026 को जारी इस बयान में समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर चिंता जताई गई है। फरवरी के अंत से शुरू हुए ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव के कारण इस अहम समुद्री मार्ग पर काफी असर पड़ा है, जिससे दुनिया भर की ऊर्जा सप्लाई और व्यापार प्रभावित हुआ है।

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समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए क्या प्रयास हो रहे हैं?

चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning ने पुष्टि की है कि चीन और पाकिस्तान ईरान की स्थिति पर आपसी सहयोग को और मजबूत करेंगे। हाल ही में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ishaq Dar बीजिंग पहुंचे हैं जहां क्षेत्रीय विकास पर गहन चर्चा हुई है। चीन ने साफ किया है कि इस इलाके में शांति बहाल करना व्यापारिक जहाजों के लिए बहुत जरूरी है। हाल के दिनों में चीन के तीन जहाज आपसी तालमेल की वजह से इस रास्ते से सुरक्षित पार होने में सफल रहे हैं। चीनी विदेश मंत्री Wang Yi ने भी पाकिस्तान के साथ मिलकर समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य की मौजूदा स्थिति से जुड़ी खास बातें

इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर तनाव के बीच कई बड़े देशों ने मिलकर समाधान निकालने की कोशिश शुरू की है। पाकिस्तान ने हाल ही में इस्लामाबाद में तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब के साथ एक बड़ी बैठक की है ताकि जहाजों के लिए रास्ता दोबारा खुल सके। इस बीच सऊदी अरब का एक तेल टैंकर सुरक्षित तरीके से हॉर्मुज से होता हुआ पाकिस्तान पहुंचा है। नीचे दी गई टेबल में इस मामले से जुड़े कुछ अहम घटनाक्रम दिए गए हैं:

तारीख घटनाक्रम
28 फरवरी 2026 तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा
05 मार्च 2026 पाकिस्तान ने सऊदी अरब के Yanbu से वैकल्पिक तेल सप्लाई की मांग की
26 मार्च 2026 ईरान ने कुछ देशों के जहाजों को निकलने की अनुमति देने का संकेत दिया
29 मार्च 2026 इस्लामाबाद में समुद्री रास्ता खोलने को लेकर क्षेत्रीय देशों की बैठक हुई
31 मार्च 2026 चीन और पाकिस्तान ने जहाजों की सुरक्षा के लिए साझा बयान जारी किया