Strait of Hormuz Crisis: चीन के राष्ट्रपति ने दिया बड़ा बयान, कहा सुरक्षित रास्ता सबके हित में, सऊदी राजकुमार से की बात.
चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने Middle East में बढ़ते तनाव के बीच एक अहम बयान दिया है. उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से फोन पर बात की और कहा कि Strait of Hormuz में जहाजों का सुरक्षित आना-जाना सबके लिए जरूरी है. राष्ट्रपति ने इलाके में तुरंत युद्ध रोकने और बातचीत से मसले सुलझाने की मांग की है.
चीन ने Strait of Hormuz के बारे में क्या कहा?
President Xi Jinping ने साफ किया कि Strait of Hormuz एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है. उन्होंने कहा कि यहां जहाजों की सामान्य आवाजाही बनी रहनी चाहिए क्योंकि इससे सिर्फ क्षेत्रीय देशों को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को फायदा होता है. चीन ने अमेरिका द्वारा ईरानी जहाज को जबरन रोकने पर चिंता जताई है और कहा कि खाड़ी देशों की सुरक्षा और उनकी सीमाओं का पूरा सम्मान होना चाहिए.
इस विवाद का असर दुनिया और आम लोगों पर क्या होगा?
सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने माना कि इस संघर्ष से खाड़ी देशों की सुरक्षा को खतरा है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस तनाव से दुनिया भर में तेल की सप्लाई और आर्थिक कामकाज पर बुरा असर पड़ सकता है. हाल ही में दो मालवाहक जहाजों पर गोलीबारी की खबरें भी आई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डर का माहौल है.
कौन सा देश इस मामले में क्या स्टैंड ले रहा है?
इस विवाद में कई बड़े देश शामिल हैं और सबके अपने तर्क हैं. अमेरिका ने नाकेबंदी की है, तो वहीं ईरान इसे अपना अधिकार बता रहा है. रूस और चीन इस मामले में एक साथ नजर आ रहे हैं.
| देश/संस्था | मुख्य स्टैंड या कार्रवाई |
|---|---|
| चीन | सुरक्षित रास्ता और तुरंत युद्धविराम की मांग की |
| सऊदी अरब | सुरक्षा और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर चिंता जताई |
| ईरान | जलमार्ग पर अपना अधिकार जताया, अमेरिका पर नाकेबंदी का आरोप लगाया |
| अमेरिका | 13 अप्रैल 2026 को ईरान से जुड़े ट्रैफिक की नाकेबंदी की |
| रूस | अमेरिकी नाकेबंदी को गलत बताया और चीन के साथ तालमेल किया |
| पाकिस्तान | अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है |