दुनिया की नज़रें अब Strait of Hormuz पर टिकी हैं, जहाँ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साफ़ कहा है कि इस समुद्री रास्ते को खुला रखना बहुत ज़रूरी है। अगर यहाँ जहाजों की आवाजाही में रुकावट आई, तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई और स्थिरता पर बुरा असर पड़ेगा।

चीन और सऊदी अरब की बातचीत में क्या हुआ?

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz में जहाजों का आना-जाना सामान्य रहना चाहिए क्योंकि इसमें क्षेत्र के देशों और पूरी दुनिया का साझा हित है। चीन ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की बात कही है। चीन दुनिया में ईरानी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, इसलिए यह रास्ता उनके व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

अमेरिका और ईरान के बीच झगड़ा क्यों बढ़ रहा है?

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने एक ईरानी कार्गो जहाज को ज़ब्त कर लिया, जिससे ईरान काफी नाराज़ है। ईरान के सैन्य कमांड ने इस हरकत का करारा जवाब देने का वादा किया है। पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जहाज ज़ब्त होने के बाद ईरान ने अब पाकिस्तान जाने से मना कर दिया है।

तनाव से जुड़ी मुख्य बातें और तारीखें

तारीख मुख्य घटना
20 अप्रैल 2026 शी जिनपिंग ने सऊदी क्राउन प्रिंस से बात की और अमेरिका ने ईरानी जहाज ज़ब्त किया।
19 अप्रैल 2026 राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति रास्ता खुलने से बहुत खुश हैं।
18 अप्रैल 2026 अमेरिका ने नाकाबंदी जारी रखने का फैसला किया और ईरान ने रास्ते पर नियंत्रण का दावा किया।
16 अप्रैल 2026 चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने की अपील की।
नियम (UNCLOS) अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यह रास्ता सभी के लिए खुला रहना चाहिए।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.