चीन और नेपाल के रिश्तों में तनाव बढ़ता दिख रहा है. चीन ने नेपाल सरकार से कहा है कि वह तिब्बत और ताइवान से जुड़े कामों पर कड़ी रोक लगाए. यह मामला तब सामने आया जब चीन के राजदूत Zhang Maoming और नेपाल के गृह मंत्री Sudan Gurung के बीच एक बड़ी मीटिंग हुई. चीन को डर है कि नेपाल अब उसकी बात कम सुन रहा है.

चीन ने नेपाल से क्या माँगा और क्यों है परेशान?

चीन के राजदूत Zhang Maoming ने नेपाल को साफ़ तौर पर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि नेपाल को तिब्बत और ताइवान से जुड़ी गतिविधियों को रोकना होगा. चीन को इस बात की चिंता है कि काठमांडू में ताइवान के झंडे दिखाए गए और तिब्बती नेताओं का प्रभाव बढ़ रहा है. चीन का मानना है कि कुछ बाहरी देश नेपाल के ज़रिए उसे घेरने की कोशिश कर रहे हैं.

नेपाल सरकार ने चीन को क्या जवाब दिया?

नेपाल के गृह मंत्री Sudan Gurung ने कहा कि नेपाल ‘One-China’ पॉलिसी का पालन करता है और वह अपने इलाके में चीन के खिलाफ कोई काम नहीं होने देगा. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ़ कर दिया कि नेपाल एक संप्रभु देश है और वह किसी भी विदेशी ताकत का मोहरा नहीं बनेगा. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता Anand Kafle ने भी इन बातों की पुष्टि की है.

मुख्य बिंदु जानकारी
मीटिंग की तारीख 13 अप्रैल, 2026
चीनी प्रतिनिधि राजदूत Zhang Maoming
नेपाल प्रतिनिधि गृह मंत्री Sudan Gurung
मुख्य चेतावनी तिब्बती राष्ट्रपति Penpa Tsering के शपथ ग्रहण समारोह (27 मई) में हिस्सा न लेना
ताइवान मुद्दा मार्च में सांस्कृतिक कार्यक्रम में ताइवान का झंडा दिखना
नेपाल का वादा ‘One-China’ नीति का पालन करना
नेपाल का रुख किसी विदेशी ताकत का मोहरा नहीं बनेंगे
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.