चीन ने ईरान के परमाणु मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए अपनी तरफ से बातचीत की कोशिशों को जारी रखने की बात कही है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning ने 26 मई 2026 को बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह साफ किया कि चीन इस पूरे मामले में बातचीत के जरिए हल निकालने का समर्थक है। चीन का मानना है कि बातचीत से ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रह सकती है और वह इसमें अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएगा।
चीन का ईरान परमाणु मुद्दे पर क्या है नया स्टैंड?
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning ने बताया कि चीन इस मुद्दे के राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान के लिए अपनी रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। चीन का कहना है कि सभी देशों को मिलकर एक ऐसा समाधान ढूंढना चाहिए जिससे सभी पक्षों की जायज चिंताओं का समाधान हो सके। इसके साथ ही चीन ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार व्यवस्था को बनाए रखने और मिडिल ईस्ट में शांति को बढ़ावा देने की बात कही है।
अमेरिका और इसराइल के साथ तनाव पर चीन ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब चीनी प्रवक्ता से सवाल पूछा गया कि क्या ईरान ने अमेरिका के साथ समझौता करने से पहले चीन से कोई गारंटी मांगी है या यूरेनियम ट्रांसफर करने के लिए मदद मांगी है, तो उन्होंने साफ किया कि चीन ईरान सहित सभी पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है। चीन ने कहा कि वह क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। चीन ने पहले भी साल 2018 में अमेरिका के परमाणु समझौते (JCPOA) से बाहर निकलने को इस पूरे विवाद की मुख्य वजह बताया था और अमेरिका व इसराइल के हमलों की आलोचना की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चीन की प्रवक्ता Mao Ning ने ईरान परमाणु मुद्दे पर क्या कहा?
प्रवक्ता Mao Ning ने कहा कि चीन ईरान परमाणु मुद्दे के राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान के लिए अपनी सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है।
चीन ने ईरान परमाणु मुद्दे के तनाव की मुख्य वजह किसे माना है?
चीन ने साल 2018 में अमेरिका के परमाणु समझौते (JCPOA) से बाहर निकलने के फैसले को इस पूरे तनाव की मुख्य वजह बताया है।