Donald Trump का दावा गलत, चीन ने खारिज किया ईरानी जहाज को ‘तोहफा’ बताने का आरोप, मामला गरमाया
अमेरिका और चीन के बीच एक नए विवाद की शुरुआत हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना ने जिस ईरानी जहाज को पकड़ा है, वह चीन की तरफ से एक ‘तोहफा’ था। अब चीन के विदेश मंत्रालय ने इस बात को पूरी तरह गलत बताया है और कहा है कि ट्रंप के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
क्या है पूरा मामला और जहाज को कब पकड़ा गया?
अमेरिकी सेना ने 19 अप्रैल 2026 को Touska नाम के एक ईरानी कार्गो जहाज को पकड़ा था। यह जहाज ओमान की खाड़ी और अरब सागर के उत्तरी हिस्से में तब पकड़ा गया जब वह ईरान के बंदर अब्बास जा रहा था। अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी की हुई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस जहाज पर कुछ ऐसी चीजें थीं जो सही नहीं थीं और यह जहाज अमेरिकी ट्रेजरी की पाबंदियों की सूची में था।
चीन ने ट्रंप के आरोपों पर क्या कहा?
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने साफ किया कि यह एक विदेशी कंटेनर जहाज था। उन्होंने कहा कि चीन इस तरह के किसी भी गलत आरोप या अटकलों का विरोध करता है। चीन ने 22 अप्रैल और फिर 24 अप्रैल को दोबारा अपनी बात दोहराई कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने वाला एक जिम्मेदार देश है और ऐसे बेबुनियाद दावों को स्वीकार नहीं करेगा।
ईरान और अन्य लोगों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
ईरान की सेना ने अमेरिकी कार्रवाई को ‘समुद्री डकैती’ बताया है और बदला लेने की बात कही है। वहीं, पूर्व अमेरिकी राजदूत Nikki Haley ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था और इसमें मिसाइलों के लिए केमिकल हो सकते हैं। फिलहाल अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि यह जहाज अभी भी अमेरिका की कस्टडी में है।