अमेरिका और चीन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने ईरान के साथ व्यापार करने वाली चीनी कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन चीन ने इन्हें मानने से साफ इनकार कर दिया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अब अपने व्यापारियों को इन अमेरिकी नियमों को नजरअंदाज करने का आदेश दे दिया है।
चीन ने अमेरिका के प्रतिबंधों को क्यों नकारा?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने 2 मई 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी किया। इसमें कहा गया कि अमेरिकी प्रतिबंधों को चीन में लागू नहीं किया जाएगा। चीन का मानना है कि ये प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं और चीनी कंपनियों को दूसरे देशों के साथ सामान्य व्यापार करने से गलत तरीके से रोकते हैं। इस आदेश के बाद अब चीनी कंपनियां बिना किसी डर के ईरान से तेल का व्यापार जारी रख सकेंगी।
- प्रभावित कंपनियां: Shandong Jincheng Petrochemical Group, Shandong Shouguang Luqing Petrochemical, Shandong Shengxing Chemical, Hengli Petrochemical और Hebei Xinhai Chemical Group जैसे पांच बड़े नाम इस लिस्ट में शामिल हैं।
- अमेरिका का कदम: 1 मई 2026 को अमेरिका ने Qingdao Haiye Oil Terminal Co., Ltd. जैसी फर्मों पर प्रतिबंध लगाए थे क्योंकि उन्होंने ईरान से लाखों बैरल कच्चा तेल खरीदा था।
अमेरिका का कड़ा रुख और आने वाली मुलाकात
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने साफ कर दिया है कि वे ईरान की कमाई के रास्तों को बंद करने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि जो भी देश या कंपनी ईरान की मदद करेगी, उसे जवाब देना होगा। यह पूरा विवाद फरवरी 2026 में ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद और ज्यादा बढ़ गया है। हालांकि, मई के अंत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन का दौरा करेंगे, जहां वे शी जिनपिंग से मुलाकात कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चीन ने किन कंपनियों के लिए आदेश जारी किया?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने Shandong Jincheng और Hengli Petrochemical जैसी पांच मुख्य रिफाइनरियों के लिए आदेश जारी किया कि वे अमेरिकी प्रतिबंधों को न मानें।
क्या डोनाल्ड ट्रंप चीन जा रहे हैं?
हां, मई 2026 के अंत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन का दौरा करेंगे और वहां चीनी नेता शी जिनपिंग के साथ बातचीत करेंगे।