चीन एक बार फिर भारत के इलाकों के नाम बदलकर अपनी मनमानी कर रहा है। बीजिंग ने अरुणाचल प्रदेश को ‘जांगनान’ (Zangnan) कहना शुरू कर दिया है। भारत ने इस हरकत का कड़ा विरोध किया है और साफ कह दिया है कि अरुणाचल और लद्दाख हमेशा भारत का हिस्सा रहेंगे। दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है।

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चीन की नई हरकत और भारत की प्रतिक्रिया क्या है?

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने मंगलवार को दावा किया कि नामों को बदलना उनका संप्रभु अधिकार है। उन्होंने कहा कि जांगनान इलाका चीन का हिस्सा है और वे भारत द्वारा बनाए गए अरुणाचल प्रदेश को नहीं मानते।

वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा दिए गए फर्जी नाम भारत की हकीकत को नहीं बदल सकते। भारत ने साफ किया कि अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख हमेशा भारत के अभिन्न अंग रहेंगे। भारत ने यह भी चेतावनी दी कि चीन की ऐसी हरकतों से दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आएगी।

नाम बदलने और नए जिलों के निर्माण का पूरा मामला

चीन केवल नाम ही नहीं बदल रहा, बल्कि वह भारतीय सीमाओं के पास नए प्रशासनिक इलाके भी बना रहा है। मार्च 2026 में चीन ने लद्दाख और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के पास ‘सेनलिंग’ (Cenling) नाम का एक नया काउंटी बनाया। इससे पहले भी चीन ने लद्दाख के हिस्सों में हीन (Hean) और हेकांग (Hekang) नाम के जिले बनाए थे, जिसका भारत ने विरोध किया था।

चीन ने पिछले कई सालों से इस तरह की कोशिशें जारी रखी हैं। नीचे दी गई टेबल में हाल की घटनाओं और पुराने रिकॉर्ड की जानकारी दी गई है:

तारीख/साल क्या हुआ
14 अप्रैल 2026 चीन ने जांगनान को अपना हिस्सा बताया और नाम बदलने को अपना हक कहा
12 अप्रैल 2026 भारत ने चीन के फर्जी नामों को खारिज कर अरुणाचल को अपना अभिन्न अंग बताया
10 अप्रैल 2026 चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने नामों की छठी सूची जारी की
26 मार्च 2026 चीन ने PoK और अफगानिस्तान के पास ‘सेनलिंग’ काउंटी बनाया
2017, 2021, 2023-25 चीन ने बार-बार अरुणाचल प्रदेश में नाम बदलने की कोशिशें कीं