Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर दुनिया भर की नज़रें टिकी हैं। चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने इस अहम समुद्री रास्ते को जल्द से जल्द सामान्य करने की अपील की है। उन्होंने साफ कहा कि इस रास्ते का खुला रहना पूरी दुनिया और खाड़ी देशों के फायदे के लिए जरूरी है।

चीन और सऊदी अरब के बीच क्या बातचीत हुई

चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने 20 अप्रैल को सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से फोन पर बात की। इस बातचीत के दौरान उन्होंने Strait of Hormuz को सभी जहाजों के लिए खोलने पर जोर दिया। चीन का कहना है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है और यहाँ शांति बनी रहनी चाहिए। चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका द्वारा एक ईरानी जहाज को जबरन रोकने पर चिंता जताई और सभी पक्षों से युद्धविराम का पालन करने को कहा है।

ईरान और अमेरिका का इस पर क्या रुख है

ईरानी विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने घोषणा की कि 22 अप्रैल तक चलने वाले युद्धविराम के दौरान सभी कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता खुला रहेगा। जहाजों को ईरान के पोर्ट्स और मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन द्वारा बताए गए रास्ते से जाना होगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रास्ता खोलने की बात तो कही, लेकिन ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है। अमेरिका का कहना है कि जब तक ईरान के साथ उनका लेनदेन पूरा नहीं हो जाता, यह नाकेबंदी खत्म नहीं होगी।

मुख्य घटनाक्रम और महत्वपूर्ण जानकारी

तारीख/संस्था मुख्य अपडेट
17 अप्रैल 2026 ईरान ने कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता खोलने का ऐलान किया
17 अप्रैल 2026 डोनाल्ड ट्रंप ने रास्ता खोलने की बात कही पर नाकेबंदी जारी रखी
20 अप्रैल 2026 चीनी राष्ट्रपति ने सऊदी क्राउन प्रिंस से बात कर रास्ता खोलने की मांग की
21 अप्रैल 2026 चीन के विदेश मंत्रालय ने हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई
22 अप्रैल 2026 ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम खत्म होने की तारीख
BIMCO समुद्री रास्तों में बारूदी सुरंगों (mines) के खतरे की चेतावनी दी
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.