अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकाबंदी कर दी है जिससे दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है। इस बीच चीन ने इस युद्ध को खत्म करने के लिए अपनी मदद की पेशकश की है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया है कि चीन ने उन्हें भरोसा दिया है कि वह ईरान को हथियार नहीं दे रहा है। इस पूरे मामले में चीन अब शांति लाने के लिए बीच-बचाव की कोशिश करेगा।

चीन और अमेरिका के बीच क्या हुई बात?

चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने कहा कि दुनिया को जंगल राज की तरफ नहीं बढ़ना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि चीन इस इलाके में शांति लाने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति शी ने उन्हें यकीन दिलाया है कि चीन की तरफ से ईरान को कोई हथियार नहीं भेजे जा रहे हैं। चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे उन कदमों के खिलाफ खड़े हों जो शांति को नुकसान पहुँचाते हैं।

नाकाबंदी और ईरान के ताज़ा हालात क्या हैं?

US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकाबंदी कर दी है। मात्र 36 घंटे के अंदर समुद्र के रास्ते होने वाला सारा आर्थिक व्यापार रोक दिया गया है। चीन ने अमेरिका के इस कदम को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है।

इसी बीच MV Rich Starry नाम के एक चीनी टैंकर ने नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि यह जहाज अपनी लोकेशन छुपाकर ईरान से मेथनॉल ले जाने की कोशिश कर रहा था।

शांति प्रयासों और हर्जाने पर क्या अपडेट है?

ईरान ने अमेरिका और इसराइल द्वारा अपने बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों के बाद 270 अरब डॉलर के मुआवजे की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शांति वार्ता करवाने की कोशिश कर रहा है ताकि 22 अप्रैल की समय सीमा से पहले कोई हल निकल सके।

संस्था/देश मुख्य भूमिका/बयान
चीन शांति के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने का वादा
अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की पूरी तरह नाकाबंदी
ईरान 270 अरब डॉलर हर्जाने की मांग
पाकिस्तान शांति वार्ता के लिए मध्यस्थता की कोशिश
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.