चीन और रूस के विदेश मंत्रियों ने ईरान में चल रही जंग को लेकर बड़ी बातचीत की है। दोनों देशों ने मिलकर अपील की है कि तुरंत लड़ाई को रोका जाए और शांति बहाल की जाए। 6 अप्रैल 2026 को हुई इस चर्चा में चीन और रूस ने साफ कहा कि इस संकट का हल केवल बातचीत से ही निकल सकता है। अमेरिका और इसराइल की सैन्य कार्रवाई के बीच अब दुनिया की दो बड़ी ताकतें एक साथ आकर शांति की मांग कर रही हैं जिससे खाड़ी क्षेत्र के हालात और गंभीर हो गए हैं।

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चीन और रूस ने बातचीत में क्या फैसला लिया है?

चीन के विदेश मंत्री Wang Yi और रूस के Sergey Lavrov ने फोन पर विस्तार से चर्चा की है। दोनों नेताओं का मानना है कि मिडिल ईस्ट के हालात लगातार खराब हो रहे हैं और इसे रोकना अब बहुत जरूरी है। चीन ने स्पष्ट किया है कि वह रूस के साथ मिलकर UN Security Council में मजबूती से काम करेगा ताकि स्थिति को और बिगड़ने से बचाया जा सके। रूस ने अपनी तरफ से कहा कि अमेरिका को अब अपनी धमकियां बंद करनी चाहिए और बातचीत की मेज पर वापस आना चाहिए। दोनों देशों ने ईरान के खिलाफ हो रही कार्रवाई को गलत बताया है।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की ताजा स्थिति क्या है?

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है और दोनों तरफ से हमले और धमकियां दी जा रही हैं। पिछले 24 घंटों में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं जिनका सीधा असर खाड़ी में रहने वाले लोगों और व्यापार पर पड़ सकता है।

घटनाक्रम विवरण
ट्रंप की डेडलाइन Donald Trump ने 6 अप्रैल तक Strait of Hormuz खोलने की चेतावनी दी है।
Ahvaz एयरपोर्ट हमला अमेरिका और इसराइल के हमले में 5 IRGC सदस्यों की मौत हुई है।
ईरान का पलटवार ईरान ने इसराइल की एक पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री पर बमबारी की है।
चीन का स्टैंड चीन ने कहा कि Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए तुरंत युद्ध विराम जरूरी है।
अमेरिकी विमान ईरान में गिरे F-15 जेट के अमेरिकी पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते इस तनाव का सीधा असर Strait of Hormuz पर पड़ रहा है जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है। चीन का मानना है कि जब तक युद्ध नहीं रुकेगा तब तक जहाजों की आवाजाही सुरक्षित नहीं हो पाएगी। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के लिए Strait of Hormuz को तब तक नहीं खोलेगा जब तक उसे युद्ध के नुकसान का हर्जाना नहीं मिल जाता। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इससे क्षेत्र की सुरक्षा और उड़ानों पर असर पड़ सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.