चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin का बीजिंग में भव्य स्वागत किया। दोनों देशों के बीच हुई इस मुलाकात में ऊर्जा, ट्रांसपोर्ट और स्पेस जैसे अहम क्षेत्रों में 40 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इस बैठक में ईरान में चल रहे युद्ध को तुरंत खत्म करने की अपील की गई ताकि वैश्विक व्यापार और तेल की सप्लाई में रुकावट न आए।

🗞️: Hajj 2026 Update: सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कसी कमर, जायरीन की सुरक्षा के लिए तैनात होगी पूरी फौज, देखें पूरा प्लान.

चीन और रूस के बीच हुए बड़े समझौते और व्यापार की स्थिति

दोनों देशों के बीच व्यापार अब 240 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। इस दौरान ऊर्जा, अंतरिक्ष, तकनीक, मीडिया और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में लगभग 40 दस्तावेज़ों पर साइन किए गए। व्यापार के लेन-देन के लिए अब डॉलर के बजाय अपनी करेंसी Yuan और Rouble का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि पश्चिमी देशों की पाबंदियों का असर कम हो सके।

ईरान युद्ध और ग्लोबल ट्रेड पर क्या रहा असर

दोनों नेताओं ने ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच चल रहे युद्ध को तुरंत रोकने की मांग की। Xi Jinping ने कहा कि मिडिल ईस्ट इस वक्त युद्ध और शांति के बीच एक नाजुक मोड़ पर है। युद्ध की वजह से Strait of Hormuz से जहाजों का निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे चीन की निर्भरता अब रूसी ऊर्जा पर और अधिक बढ़ गई है।

अमेरिका और यूक्रेन मुद्दे पर क्या चर्चा हुई

पुतिन और शी जिनपिंग ने अमेरिका की विदेश नीति की आलोचना की और एक ऐसी दुनिया की वकालत की जहाँ किसी एक देश का दबदबा न हो। यूक्रेन युद्ध पर बात करते हुए दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि बातचीत और आपसी चर्चा के जरिए ही इस समस्या की असली वजहों को सुलझाया जा सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

चीन और रूस के बीच व्यापार कितना पहुँच गया है

चीन और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 240 अरब डॉलर तक पहुँच गया है और अब भुगतान के लिए डॉलर की जगह युआन और रूबल का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ईरान युद्ध को रोकने की अपील क्यों की गई

ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच युद्ध की वजह से Strait of Hormuz बाधित हुआ है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है।