चीन और फिलीपींस के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। चीन ने फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टीओडोरो जूनियर और उनके परिवार पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस फैसले के बाद अब वे चीन के मुख्य हिस्से समेत हांगकांग और मकाऊ में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

क्या हैं चीन के प्रतिबंध

चीन के विदेश मंत्रालय ने 11 जून 2026 को इन प्रतिबंधों का ऐलान किया। इसके तहत रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टीओडोरो जूनियर, उनकी पत्नी और बच्चों के चीन जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही, चीन की किसी भी संस्था या व्यक्ति को अब टीओडोरो और उनके परिवार के साथ किसी भी तरह का लेन-देन या सहयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

चीन ने क्यों लिया यह फैसला

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। चीन का आरोप है कि टीओडोरो ने चीन के बारे में कई बार गैर-जिम्मेदाराना बातें की हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुँचा है। हालांकि, चीन ने उन खास बयानों के बारे में जानकारी नहीं दी जिनकी वजह से यह कार्रवाई की गई। इससे पहले चीनी प्रवक्ता माओ निंग ने भी टीओडोरो पर चीन की छवि खराब करने का आरोप लगाया था।

फिलीपींस की तीखी प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद फिलीपींस में काफी नाराजगी है। 12 जून 2026 को फिलीपींस की सेना ने रक्षा मंत्री टीओडोरो के साथ अपनी एकजुटता जताई और चीन के इस फैसले को एकतरफा और बिना किसी आधार के बताया।

  • रक्षा मंत्री का जवाब: गिल्बर्टो टीओडोरो ने इन प्रतिबंधों को स्वीकार करते हुए कहा कि यह चीन का अधिकार है। उन्होंने साफ किया कि वे अपनी ड्यूटी करना जारी रखेंगे और देश के हितों की रक्षा करेंगे।
  • विदेश मंत्रालय का बयान: फिलीपींस के विदेश मंत्रालय (DFA) ने इसे एक “अमित्रतापूर्ण कार्य” बताया। विदेश मंत्री मारिया थेरेसा लाजारो ने कहा कि प्रतिबंध विवाद सुलझाने का सही तरीका नहीं है और फिलीपींस बातचीत के जरिए मसले हल करने के पक्ष में है।

टीओडोरो का पुराना रुख

प्रतिबंधों से पहले ही टीओडोरो कह चुके थे कि चीन में उनकी कोई संपत्ति नहीं है और वहां जाने की उनकी कोई योजना नहीं है। उन्होंने चीन द्वारा दी जाने वाली खाद और ईंधन की मदद को दिखावा बताया था। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि फिलीपींस अब ताइवान के साथ अपने रिश्ते और मजबूत करना चाहता है।