चीन के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि उनके तीन कमर्शियल जहाजों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित पार कर लिया है। यह खबर 31 मार्च 2026 को सामने आई जब प्रवक्ता माओ निंग ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि यह सफलता संबंधित पक्षों के साथ बातचीत और तालमेल के बाद मिली है। इस समुद्री रास्ते पर चल रहे संघर्ष के बीच यह एक बड़ी घटना मानी जा रही है क्योंकि गैर-ईरानी जहाजों का यहाँ से निकलना अब काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

किन जहाजों ने पार किया हॉर्मुज और क्या थी चुनौती?

30 मार्च 2026 को दो चीनी जहाजों, CSCL Indian Ocean और CSCL Arctic Ocean ने इस रास्ते को पार किया। यह इन जहाजों की दूसरी कोशिश थी क्योंकि 27 मार्च को पहली कोशिश में इन्हें वापस लौटना पड़ा था। चीनी शिपिंग कंपनी Cosco ने 25 मार्च से ही खाड़ी देशों के लिए बुकिंग शुरू कर दी थी। चीन ने इस सुरक्षित रास्ते के लिए संबंधित देशों का आभार जताया है और पूरे इलाके में तुरंत युद्धविराम की अपील की है ताकि शांति बहाल हो सके।

जहाजों की आवाजाही के लिए अब क्या हैं नए नियम?

ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है और कुछ नए नियम लागू किए हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारियों के लिए यह समझना जरूरी है कि अब यहाँ से व्यापारिक जहाजों का निकलना पहले जैसा नहीं रहा। मुख्य बदलाव कुछ इस प्रकार हैं:

  • ईरान ने अमेरिका और इजरायल के जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।
  • चीन जैसे मित्र देशों को पहले से तालमेल बिठाने पर ही सुरक्षित रास्ता दिया जा रहा है।
  • जहाजों को अब ईरान द्वारा बताए गए खास रास्तों पर चलना होता है और नए टोल नियमों का पालन करना पड़ता है।
  • यह रास्ता दुनिया के व्यापार के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि यहाँ से तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
  • जानकारों का कहना है कि चीन के तटस्थ रहने और आर्थिक रिश्तों की वजह से उसके जहाजों को खतरा कम है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.