चीन के विदेश मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के लिए ईरान में चल रही ‘अवैध सैन्य कार्रवाई’ को जिम्मेदार ठहराया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने चेतावनी दी है कि इस स्थिति से विश्व अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर संकट पैदा हो सकता है। चीन ने सभी पक्षों से तुरंत सैन्य अभियान रोकने और समुद्री व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित बनाने की अपील की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद पर चीन और अमेरिका का क्या रुख है?
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध अवैध है और इससे हिंसा का एक ऐसा चक्र शुरू हो सकता है जिसे संभालना मुश्किल होगा। चीन ने साफ किया है कि वह ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन करता है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल 2026 को बयान दिया कि ईरान में उनका सैन्य मिशन लगभग पूरा होने वाला है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि अगले दो-तीन हफ्तों तक ईरान पर कड़े हमले जारी रहेंगे और युद्धविराम तभी होगा जब होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह सुरक्षित और खुला रहेगा।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और ताजा हालात क्या हैं?
ईरान की सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियों के बाद अमेरिका और इजरायल पर बड़े हमले करने की चेतावनी दी है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे युद्ध के बाद अपनी शर्तों को मनवाने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल की सप्लाई को हथियार के रूप में इस्तेमाल करेंगे। पिछले 24 घंटों में क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जिसे नीचे दिए गए मुख्य बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- ब्रिटेन की कार्रवाई: 2 अप्रैल की रात ब्रिटेन ने ईरान के 10 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए हैं।
- इजरायल पर हमला: हिजबुल्ला ने उत्तरी इजरायल में सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और तोपखाने से हमले किए हैं।
- संयुक्त राष्ट्र का रुख: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लेबनान में शांति सैनिकों पर हुए हमलों की निंदा की है।
- ट्रंप की चेतावनी: ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर 6 अप्रैल तक जलडमरूमध्य नहीं खुला तो ईरान के बिजली संयंत्रों को नष्ट कर दिया जाएगा।
हालिया घटनाक्रम और सैन्य गतिविधियों का विवरण
| तारीख | मुख्य घटना | प्रभावित पक्ष |
|---|---|---|
| 2 अप्रैल 2026 | चीन ने सैन्य कार्रवाई को ‘जड़ की समस्या’ और अवैध बताया | ग्लोबल इकोनॉमी |
| 2 अप्रैल 2026 | ट्रंप ने मिशन पूरा होने की बात कही पर हमले जारी रखने को कहा | ईरान और अमेरिका |
| 2 अप्रैल 2026 | ईरानी सेना ने अमेरिका-इजरायल पर हमले की कसम खाई | मिडल ईस्ट सुरक्षा |
| 1 अप्रैल 2026 | ईरान ने एक तेल टैंकर पर हमला किया और इजरायल ने 15 जगहों पर बमबारी की | शिपिंग और इंडस्ट्री |
