चीन ने ईरान और लेबनान की मदद करने का बड़ा फैसला लिया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने ऐलान किया है कि वह इन दोनों देशों में युद्ध के बाद पुनर्निर्माण और सुधार के कामों में सहायता करेगा। बीजिंग ने अमेरिका और इसराइल के बीच हुए युद्ध से मची तबाही पर गहरा दुख जताया है।

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चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने बीजिंग में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वहां की मौजूदा स्थिति को देखते हुए चीन ने मानवीय सहायता देने का निर्णय लिया है। इस मदद का मुख्य मकसद युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करना और वहां के लोगों की अर्थव्यवस्था और जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।

यह पहली बार नहीं है जब चीन ने ईरान की मदद की है। इससे पहले मार्च में भी चीन ने सहायता भेजी थी। चीन का कहना है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किए जाने के बाद वहां हालात काफी खराब हुए हैं।

इसी बीच एक राहत भरी खबर भी आ रही है। खबर है कि अमेरिका और ईरान इस हफ्ते के अंत में एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। पाकिस्तान ने इस डील में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और यह समझौता शुक्रवार को Switzerland में होने की उम्मीद है। इस समझौते में लेबनान पर इसराइली हमलों को रोकने की बात भी शामिल है, जहां अब तक करीब 3,800 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

Lin Jian ने यह भी कहा कि चीन मध्य पूर्व के देशों का एक अच्छा दोस्त है। वह आने वाले समय में भी शांति बातचीत को बढ़ावा देगा और इस इलाके में शांति बहाल करने के लिए अपनी सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.