चीन के संयुक्त राष्ट्र दूत फू कोंग ने इसराइल और लेबनान के बीच चल रहे तनाव पर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच कोई असली सीज़फ़ायर नहीं हुआ है, बल्कि यह सिर्फ कम गोलीबारी का दौर है. चीन ने इसराइल से मांग की है कि वह लेबनान पर अपनी बमबारी तुरंत बंद करे.

चीन के दूत ने सीज़फ़ायर को लेकर क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र में चीन के दूत Fu Cong ने बताया कि इसराइल और लेबनान के बीच जो स्थिति है, उसे वास्तविक युद्धविराम नहीं कहा जा सकता. उन्होंने इसे ‘लेसर फायर’ यानी कम गोलीबारी का नाम दिया. चीन इस समय मई 2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की रोटेटिंग प्रेसीडेंसी संभाल रहा है. फू कोंग ने जोर देकर कहा कि लेबनान में हो रही बमबारी को रोकना इसराइल की जिम्मेदारी है.

लेबनान में हालात क्या हैं और कितने लोग प्रभावित हुए?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च से अब तक इसराइली हमलों में कुल 2,618 लोग मारे गए और 8,094 लोग घायल हुए. हाल ही में 1 मई को हुए हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक महिला और बच्चा भी शामिल थे. इसके जवाब में Hezbollah ने उत्तरी इसराइल पर रॉकेट और ड्रोन से हमला किया, जिससे दो इसराइली सैनिक घायल हो गए.

UNIFIL और अंतरराष्ट्रीय कोशिशों का क्या अपडेट है?

  • सीज़फ़ायर की कोशिश: अमेरिका की मदद से 17 अप्रैल 2026 को 10 दिन का सीज़फ़ायर लागू हुआ था, जिसे बढ़ाकर 17 मई 2026 तक कर दिया गया.
  • UNIFIL का कार्यकाल: चीन ने मांग की है कि लेबनान में तैनात शांति सेना (UNIFIL) के कार्यकाल को 2026 के अंत में खत्म करने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाए.
  • डिप्लोमेटिक चर्चा: चीनी दूत ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres से बात की है. जून तक सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को लागू करने के विकल्पों पर रिपोर्ट आने की उम्मीद है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल और लेबनान के बीच सीज़फ़ायर की क्या स्थिति है?

अमेरिका ने 17 अप्रैल 2026 को 10 दिन का सीज़फ़ायर कराया था जिसे 17 मई तक बढ़ाया गया, लेकिन चीन के दूत ने इसे असली सीज़फ़ायर नहीं बल्कि सिर्फ कम गोलीबारी बताया है.

UNIFIL क्या है और इसे लेकर क्या विवाद है?

UNIFIL 1978 में बनी एक शांति सेना है जो लेबनान और इसराइल की सीमा पर गश्त करती है. चीन चाहता है कि 2026 के अंत में इसके कार्यकाल को खत्म करने के फैसले की समीक्षा की जाए.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com