अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए अब चीन ने मोर्चा संभाला है। चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से बातचीत शुरू करने और Hormuz Strait को तुरंत खोलने की मांग की है। बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद यह बड़ा अपडेट आया है। दुनिया भर में तेल की सप्लाई और व्यापार को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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Trump और Xi Jinping की मीटिंग में क्या बातें हुईं?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने बीजिंग में मुलाकात की। ट्रंप ने बताया कि ईरान के मुद्दे पर दोनों नेताओं की सोच काफी मिलती-जुलती है। दोनों चाहते हैं कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो और Hormuz Strait से जहाजों का आना-जाना फिर से शुरू हो। मीटिंग में यह बात भी सामने आई कि Xi Jinping ने ईरान को कोई सैन्य उपकरण न देने का वादा किया है। साथ ही, चीन ने अपनी तेल की जरूरतों के लिए अमेरिका से और ज्यादा तेल खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है ताकि वह Strait पर अपनी निर्भरता कम कर सके। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।

चीन की मांग और ईरान का जवाब क्या है?

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने कहा कि सैन्य समाधान से कुछ हासिल नहीं होगा और केवल बातचीत ही सही रास्ता है। उन्होंने global supply chain को बचाने के लिए Hormuz Strait को जल्द खोलने की अपील की। दूसरी तरफ, BRICS मीटिंग के दौरान ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि वे अमेरिकियों पर बिल्कुल भरोसा नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि ईरान फिलहाल एक कमजोर युद्धविराम (ceasefire) बनाए रखने की कोशिश कर रहा है ताकि कूटनीति को मौका मिले। उन्होंने यह भी साफ किया कि Hormuz Strait उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो ईरान के साथ युद्ध में शामिल नहीं हैं।

ताजा जानकारी के मुताबिक, ईरान की Revolutionary Guards ने चीन के विदेश मंत्री और राजदूत के अनुरोध के बाद कुछ चीनी जहाजों को नए प्रोटोकॉल के तहत Strait से गुजरने की इजाजत दे दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Hormuz Strait को फिर से खोलने की मांग क्यों की जा रही है?

चीन का मानना है कि इस रास्ते के बंद होने से वैश्विक आर्थिक विकास, सप्लाई चेन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। तेल की स्थिर आपूर्ति के लिए इसका खुला रहना जरूरी है।

ईरान का अमेरिका के प्रति क्या नजरिया है?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने स्पष्ट किया कि वे अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते, हालांकि वे कूटनीति के लिए एक अस्थाई युद्धविराम बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.