अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब सीधे युद्ध में बदल गया है। दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए चीन ने दखल दिया है और दोनों देशों से तुरंत अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है।
चीन ने जताई गहरी चिंता
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने 11 जून 2026 को वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान को तुरंत सैन्य हमले बंद करने चाहिए और बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। चीन का मानना है कि लगातार हो रहे हमलों से समस्या हल नहीं होगी बल्कि हालात और बिगड़ेंगे। चीन ने यह भी साफ किया कि क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा और उनकी सीमाओं का सम्मान किया जाना जरूरी है। चीन इस मामले में शांति बहाल करने के लिए ईरान समेत अन्य पक्षों के संपर्क में है।
मिसाइल हमले और जवाबी कार्रवाई
ताजा अपडेट के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के 18 बड़े सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इसके अलावा जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी कमांड सेंटर पर भी बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई। जवाब में अमेरिका के Central Command (CENTCOM) ने ईरान के सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन नेटवर्क और एयर डिफेंस साइट्स पर हमले किए। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई उसके एक अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में की गई है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय असर
ईरान के सैन्य मुख्यालय ने ऐलान किया है कि सुरक्षा कारणों से उन्होंने Strait of Hormuz को सभी जहाजों के लिए बंद कर दिया है और वहां से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है और कहा है कि व्यापारिक जहाज अभी भी वहां से गुजर रहे हैं। इस तनाव की वजह से कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे पड़ोसी देशों में भी डर का माहौल है और वहां एयर डिफेंस सिस्टम को अलर्ट पर रखा गया है।
अमेरिका का कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने सख्त लहजे में कहा कि ईरान को अपनी हरकतों की कीमत चुकानी होगी और वह ईरान पर जोरदार हमला करेंगे। वहीं, रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बयान दिया कि अगर बातचीत के लिए बमों का इस्तेमाल करना पड़ा, तो अमेरिका वैसा ही करेगा। दूसरी तरफ, पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय इस विवाद को सुलझाने और तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की कोशिशें कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चीन ने अमेरिका और ईरान से क्या अपील की है?
चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है ताकि क्षेत्रीय शांति बनी रहे।
ईरान और अमेरिका के बीच हमलों की मुख्य वजह क्या है?
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों और जॉर्डन के कमांड सेंटर पर मिसाइल हमले किए, जबकि अमेरिका ने ईरान के सर्विलांस और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया। यह टकराव एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के गिरने के बाद और बढ़ गया।
Strait of Hormuz को लेकर क्या विवाद है?
ईरान ने इस जलमार्ग को पूरी तरह बंद करने का दावा किया है और जहाजों को चेतावनी दी है, लेकिन अमेरिका का कहना है कि कमर्शियल जहाजों का आवागमन अभी भी जारी है।
