हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। चीन ने अमेरिका और ईरान से अपील की है कि वे जहाजों के सुरक्षित आने-जाने के लिए जल्द फैसला लें। ईरान ने जहाजों के गुजरने के लिए नए और कड़े नियम बना दिए हैं, जबकि अमेरिका ने अपनी एक बड़ी सुरक्षा योजना को फिलहाल रोक दिया है। इस पूरे मामले का असर वैश्विक व्यापार और समुद्री रास्तों पर पड़ सकता है।

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ईरान ने जहाजों के गुजरने के लिए क्या नए नियम लागू किए हैं?

ईरान ने 6 मई 2026 को एक नया सिस्टम लागू किया। अब किसी भी जहाज को जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए पहले से अनुमति लेनी होगी। IRGC Navy ने साफ चेतावनी दी है कि सभी जहाजों को सिर्फ तय किए गए समुद्री रास्ते (maritime corridor) का पालन करना होगा। अगर कोई जहाज इस तय रास्ते से हटकर चलता है, तो ईरान की सेना उस पर सख्त कार्रवाई करेगी। ईरान का कहना है कि उनके द्वारा बताया गया रास्ता ही एकमात्र सुरक्षित रूट है।

अमेरिका का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ क्यों रोका गया?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ‘Project Freedom’ को फिलहाल रोकने का ऐलान किया है। यह प्रोजेक्ट कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिखाने और उनकी मदद करने के लिए शुरू किया गया था। ट्रंप ने बताया कि ईरान के साथ अंतिम समझौते की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है और पाकिस्तान ने भी यह अनुरोध किया था, इसलिए इस काम को रोका गया। हालांकि, ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी अभी भी जारी रहेगी।

चीन और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर क्या अपडेट है?

  • चीन की कोशिश: चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने बीजिंग में ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की। उन्होंने दुनिया की चिंता को साझा किया और कहा कि जहाजों का सुरक्षित रास्ता बहाल करना बहुत जरूरी है।
  • अमेरिका का रुख: रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा कि 8 अप्रैल से लगी ceasefire अभी भी कायम है। वहीं, विदेश सचिव Marco Rubio ने चीन से मांग की है कि वह ईरान पर दबाव बनाए ताकि वह जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण कम करे।
  • सैन्य कार्रवाई: 5 मई को अमेरिकी सेना ने ईरान की 6 छोटी नावों को नष्ट किया और कुछ मिसाइलों और ड्रोन्स को मार गिराया। अमेरिका ने यह कार्रवाई कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए खतरा अभी भी बना हुआ है?

हाँ, अमेरिकी रक्षा सचिव ने बताया कि वहां माइन बिछे हुए हैं, लेकिन फिलहाल जहाजों के लिए एक सुरक्षित लेन (secure lane) उपलब्ध कराई गई है।

इस विवाद में पाकिस्तान की क्या भूमिका रही?

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति बातचीत में एक मध्यस्थ (mediator) के रूप में काम किया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com