चीन ने मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अपनी नई प्रतिबद्धता जताई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को बातचीत की मेज पर लाने का श्रेय बीजिंग को देने के बाद यह आधिकारिक बयान सामने आया है. चीनी प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि उनका देश क्षेत्र में सुरक्षा और युद्धविराम बहाल करने के लिए अपनी रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा और वह इस दिशा में सक्रिय प्रयास कर रहे हैं.

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चीन ने शांति बहाली और अपनी भूमिका पर क्या कहा?

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने स्पष्ट किया है कि चीन शांति को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है. चीन का मुख्य लक्ष्य क्षेत्रीय सुरक्षा को फिर से मजबूत करना और चल रहे संघर्षों में युद्धविराम सुनिश्चित करना है. बीजिंग का मानना है कि बातचीत ही पुराने विवादों को सुलझाने का सही रास्ता है और वह इसमें अपनी भागीदारी को और भी सक्रिय बनाए रखेगा ताकि स्थिरता आ सके.

इस पूरे मामले से जुड़ी मुख्य जानकारी और बड़ी बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के क्रेडिट देने के बाद चीन ने अपनी स्थिति को दुनिया के सामने साफ किया है. चीन अब मिडिल ईस्ट में एक बड़े मध्यस्थ के तौर पर खुद को स्थापित कर रहा है जो शांति के लिए काम करेगा. इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी कुछ खास बातें इस प्रकार हैं:

  • शांति के प्रयास: चीन क्षेत्र में सुरक्षा बहाल करने और शांति लाने के लिए लगातार कोशिशें करेगा.
  • ईरान से बातचीत: ईरान को वार्ता के मंच पर लाने के लिए चीन की भूमिका को ट्रंप ने भी अहम माना है.
  • युद्धविराम पर जोर: क्षेत्र में चल रही अशांति के बीच युद्धविराम चीन की क्षेत्रीय प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है.
  • रचनात्मक भूमिका: चीन ने वादा किया है कि वह मिडिल ईस्ट के देशों के बीच सेतु का काम करता रहेगा.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.