अमेरिका, जापान और फिलीपींस ने मिलकर अपना अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया है. इस अभ्यास का नाम ‘Balikatan’ रखा गया है, जिसमें करीब 17,000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. इस कदम से चीन काफी नाराज है और उसने इन देशों को चेतावनी दी है कि वे ‘आग से खेल रहे हैं’.

सैन्य अभ्यास ‘Balikatan’ में क्या खास है?

यह अभ्यास सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ और 8 मई तक चलेगा. इसमें अमेरिका के लगभग 10,000 और जापान के 1,400 सैनिक शामिल हैं. मुख्य देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फ्रांस और कनाडा की सेनाएं भी इसमें हिस्सा ले रही हैं. यह अभ्यास फिलीपींस के उन इलाकों में हो रहा है जो ताइवान जलडमरूमध्य और विवादित दक्षिण चीन सागर के पास हैं.

अभ्यास के दौरान किन हथियारों का होगा इस्तेमाल?

इस बार जापान की सेना पहली बार लाइव-फायर ड्रिल में हिस्सा ले रही है. जापानी सेना Type 88 क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल कर एक पुराने जहाज को डुबोएगी. वहीं अमेरिका की सेना विस्फोटक ड्रोन के जरिए दुश्मन के नकली जहाज पर हमला करेगी. फिलीपींस की सेना का कहना है कि यह अभ्यास किसी खास देश को निशाना बनाने के लिए नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक आपदाओं के समय तैयारी बढ़ाने के लिए है.

चीन ने इन देशों को क्या चेतावनी दी?

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने कहा कि एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के नाम पर सैन्य गठबंधन बनाना ‘आग से खेलने’ जैसा है, जिसका नतीजा बुरा होगा. उन्होंने जापान को सलाह दी कि वह अपनी सैन्य ताकत का दिखावा न करे और सावधानी बरते.

विवरण जानकारी
अभ्यास का नाम Balikatan
शुरुआत की तारीख 20 अप्रैल 2026
समाप्ति की तारीख 8 मई 2026
कुल सैनिक 17,000 से ज्यादा
मुख्य भागीदार अमेरिका, फिलीपींस और जापान
अन्य देश ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फ्रांस, कनाडा
मुख्य हथियार Type 88 क्रूज मिसाइल और विस्फोटक ड्रोन
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.