लाल सागर के पास बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में तनाव के बीच चीन के दो बड़े तेल टैंकर Xin Long Yang और Cosnew Lake सुरक्षित निकल गए हैं। इन जहाजों में सऊदी अरब का करीब 40 लाख बैरल कच्चा तेल लदा था, जो 23 जुलाई 2026 को अपनी यात्रा पूरी कर सके। यह घटना तब हुई जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब से आने वाले या वहां जाने वाले तेल जहाजों पर पूरी तरह से रोक लगाने की धमकी दी थी।
🚨: Bahrain: ईरान का दावा, अमेरिकी बेस पर किया ड्रोन हमला, ऑपरेशन थंडर के तहत निशाना बनाने की कही बात।
हूती की धमकी और सऊदी जहाजों पर असर
यमन के हूती विद्रोही गुट ने 20 जुलाई 2026 को ऐलान किया था कि सऊदी बंदरगाहों से जुड़े किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा। इस धमकी के बाद 21 से 22 जुलाई के बीच कई सऊदी जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा या वापस लौटना पड़ा। हूतियों ने 23 जुलाई को Encelia और Layla नाम के दो सऊदी टैंकरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा भी किया। सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी SPA ने Encelia पर हमले की पुष्टि की है और बताया कि जहाज में आग लग गई थी, लेकिन सभी कर्मचारी सुरक्षित बच गए।
चीन के जहाजों को ‘फ्री पास’
शिपिंग आंकड़ों से पता चलता है कि Unipec द्वारा चार्टर किए गए और Cosco Shipping द्वारा प्रबंधित इन चीनी जहाजों को हूतियों ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। समुद्री विश्लेषण फर्म Windward का मानना है कि हूती विद्रोही शायद चीनी जहाजों को इस इलाके से निकलने के लिए एक प्रकार की छूट दे रहे हैं।
सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
सऊदी अरब के ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने हूती हमलों को समुद्री डकैती करार दिया और सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी 21 जुलाई को संकेत दिया था कि अगर नाकेबंदी जारी रही, तो अमेरिका इस पर सख्त कदम उठाएगा। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र की OCHA ने चेतावनी दी है कि इस हिंसा के कारण व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है और क्षेत्र में मानवीय जरूरतों का संकट और गहरा हो सकता है।
