अमेरिका में मचा सियासी बवाल, राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों पर चक शूमर ने उठाए बड़े सवाल

Aanya20 August 20262 min read53 viewsWorld
अमेरिका में मचा सियासी बवाल, राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों पर चक शूमर ने उठाए बड़े सवाल

अमेरिकी राजनीति में इन दिनों घरेलू आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। 20 अगस्त 2026 को अमेरिकी सीनेट के अल्पसंख्यक नेता Chuck Schumer ने राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान देश की गंभीर आर्थिक परेशानियों को हल करने के बजाय विदेशी संघर्षों पर केंद्रित हो गया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

घरेलू मोर्चे पर बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट

चक शूमर ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि पेट्रोल की कीमतें $4 प्रति गैलन के पार पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा, देश का कुल राष्ट्रीय कर्ज बढ़कर $40 ट्रिलियन हो गया है। खाद्य पदार्थों की सुरक्षा से जुड़ी सरकारी एजेंसी FDA यानी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन को भी लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि देश में बार-बार खाने-पीने की चीजें बाजार से वापस मंगवानी पड़ रही हैं। शूमर ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि राष्ट्रपति की प्राथमिकताएं क्या हैं, क्योंकि देश को मध्य पूर्व में एक और अंतहीन युद्ध में झोंका जा रहा है। उन्होंने व्हाइट हाउस के एक $900 मिलियन के महंगे बॉールरूम प्रोजेक्ट पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि करदाताओं के इस पैसे का इस्तेमाल आम नागरिकों के बढ़ते खर्चों को कम करने के लिए किया जाना चाहिए।

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व्हाइट हाउस का स्पष्टीकरण और क्षेत्रीय तनाव

दूसरी ओर, जुलाई 2026 के अंत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया था कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है और इसके सामने अमेरिकियों की वित्तीय चिंताएं फिलहाल दूसरे स्थान पर हैं। इस बीच, व्हाइट हाउस की आधिकारिक प्रवक्ता Olivia Wales ने राष्ट्रपति के एजेंडे का बचाव करते हुए कहा कि प्रशासन एक ही समय में कई मोर्चों पर काम करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने बताया कि सरकार एक नए किफायती एजेंडे पर काम कर रही है जिसके तहत दवाओं की कीमतें कम करना, नौकरियों को वापस देश में लाना और टैक्स में छूट देना शामिल है।

ईंधन बाजारों पर असर और वैश्विक प्रतिक्रिया

इस जारी राजनीतिक और क्षेत्रीय तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 20 अगस्त 2026 को कच्चे तेल की कीमतें पिछले तीन हफ्तों से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। अमेरिकी चेतावनियों और पिछले छह महीनों से मध्य पूर्व में फंसे लाखों बैरल तेल के कारण बाजार में हलचल तेज हो गई है। कैलिफोर्निया के गवर्नर Gavin Newsom ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण महंगे होते ईंधन पर चिंता व्यक्त की है। वहीं दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी प्रतिबंधों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें आर्थिक आतंकवाद करार दिया है, जिससे आम ईरानी नागरिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है और यह मानवता के खिलाफ अपराध है।

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