दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को आज 32वां दिन हो गया है। Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने साफ़ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक छात्र पीछे नहीं हटेंगे। यह पूरा विरोध प्रदर्शन नीट पेपर लीक और सीबीएसई मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ी के खिलाफ हो रहा है।
सोनम वांगचुक की हड़ताल और स्वास्थ्य
पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk, जो 28 जून 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, को स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण 18 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अपना अनशन तभी खत्म करेंगे जब सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने की गारंटी दे और मृतकों के परिवारों को मुआवजा दे। अस्पताल में केंद्रीय मंत्री JP Nadda और Jitendra Singh ने उनसे मुलाकात की थी, जहाँ उन्होंने बताया कि उनका वजन 11 किलो कम हो गया है।
पुलिस कार्रवाई और बढ़ता आक्रोश
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया और बल प्रयोग किया। Ashutosh Ranka, जो CJP के प्रवक्ता हैं, ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदर्शन और तेज होगा। इस मुद्दे पर दुनिया भर के कई शहरों जैसे New York, San Jose, London और Dublin में भी विरोध दर्ज किया गया है। भारत में भी कई विपक्षी दलों के नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर वांगचुक का समर्थन करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।
