घरेलू PNG में 12 रुपए प्रति किलो तक का होगा इज़ाफ़ा

घरेलू प्राकृतिक गैस महंगी होने के कारण सीएनजी और पीएनजी के मूल्य में बड़ी वृद्धि हो सकती है. विश्लेषकों ने अनुमान जताया है कि सीएनजी के मूल्य में 8 से 12 रुपये प्रति किलो और घरों में आपूर्ति की जाने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस के मूल्य में छह रुपये प्रति यूनिट तक की वृद्धि हो सकती है।

 

 

सरकार ने बीते सप्ताह पुराने फील्डों से उत्पादित प्राकृतिक गैस के मूल्य को 6.1 डालर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) से बढ़ाकर 8.57 डालर प्रति एमएमबीटीयू कर दिया था। इसको एपीएम गैस भी कहा जाता है. वहीं, कठिन फील्डों से उत्पादित गैस के मूल्य को 9.92 डालर से बढ़ाकर 12.46 डालर प्रति एमएमबीटीयू किया था। एपीएम की देश के कुल गैस उत्पादन में दो-तिहाई हिस्सेदारी है। इसका इस्तेमाल सीएनजी और पीएनजी के निर्माण में किया जाता है।

 

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने एक रिपोर्ट में कहा है कि एक वर्ष में एपीएम गैस का मूल्य पांच गुना बढ़कर सितंबर 2021 के 1.79 डालर से 8.57 डालर प्रति एमएमबीटीयू हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राकृतिक गैस में एक डालर प्रति एमएमबीटीयू की वृद्धि से शहरी गैस वितरण कंपनियों को सीएनजी का मूल्य 4.7 से 4.9 रुपये प्रति किलो बढ़ाने की आवश्यकता होती है.

14 रुपए तक महँगा होगा CNG

ऐसे में 2.5 डालर प्रति एमएमबीटीयू की हालिया वृद्धि से कंपनियों को सीएनजी के मूल्य में 12-14 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी करने की जरूरत होगी। आइसीआइसीआइ सिक्युरिटीज का कहना है कि प्राकृतिक गैस के मूल्य में हालिया वृद्धि के बोझ की भरपाई के लिए कंपनियों को पीएनजी के मूल्य में 6.2 रुपये प्रति यूनिट और सीएनजी का मूल्य 9 से 12.5 रुपये प्रति किलो बढ़ाना होगा।

Lov Singh

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