कोयंबटूर सिटी पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 500 लोगों के साथ 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह लोग Royal Training and Testing Centre नाम की एक फर्म चला रहे थे और कई महीनों से लोगों को झूठे सपने दिखा रहे थे।
ऐसे हुआ ठगी का खुलासा
इस मामले में 50 से ज्यादा पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान Deva Asirvatham (61), जो एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी है, और Krishnan (60) के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी कोयंबटूर रेलवे स्टेशन के पास अपना दफ्तर चला रहे थे। इन्होंने अप्रैल महीने में रिक्रूटमेंट के लिए इंटरव्यू लिए थे और लोगों को विदेश भेजने का वादा किया था।
पासपोर्ट और मोटी रकम लेकर हुए फरार
आरोपियों ने पीड़ितों से वीजा प्रोसेस और अन्य कागजी कार्रवाई के नाम पर प्रति व्यक्ति 4 लाख रुपये तक वसूल किए। पैसे और लोगों के असली पासपोर्ट हाथ में आते ही ये दोनों फरार हो गए और अपना दफ्तर भी खाली कर दिया। फिलहाल Race Course Police Station इस मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका पुराना रिकॉर्ड क्या है और क्या इन्होंने तमिलनाडु के बाहर भी लोगों को निशाना बनाया है।
साइबर क्राइम विंग ने आम जनता को सलाह दी है कि वे विदेश में नौकरी के किसी भी ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। नौकरी के लिए हमेशा अधिकृत एजेंसियों और सरकार की आधिकारिक वेबसाइट www.emigrant.gov.in पर ही जानकारी की पुष्टि करें।
