कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, कई इमारतें क्षतिग्रस्त और दहशत में लोग

Praggya Singh sabal10 August 20262 min read50 viewsWorld
कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, कई इमारतें क्षतिग्रस्त और दहशत में लोग

दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार की सुबह धरती जोरदार झटकों के साथ कांप उठी, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार इस शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई है, जिसके बाद प्रभावित इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज झटके महसूस होते ही घबराए हुए लोग अपनी सुरक्षा के लिए घरों और दफ्तरों से निकलकर खुली सड़कों और मैदानों की तरफ भागे। इस भयानक प्राकृतिक आपदा ने लोगों को पूरी तरह से डरा दिया है और हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है।

भूकंप का केंद्र और पड़ोसी देशों तक असर

मिली जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र राजधानी बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर पश्चिम में पालमार क्षेत्र के आसपास स्थित था। स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7 बजे आए इन तेज झटकों का असर केवल कोलंबिया तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी धरती हिलने की पुष्टि की गई है। सुबह-सुबह अचानक आए इस संकट ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया और देखते ही देखते चारों तरफ लोग मदद की गुहार लगाने लगे।

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इमारतों को नुकसान और घायलों की स्थिति

भूकंप के इस जोरदार झटके की वजह से कई पुरानी और संवेदनशील इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ छोटी संरचनाएं धराशयी भी हो गईं हैं। किसी भी अनहोनी से बचने और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई बड़े भवनों को पूरी तरह से खाली करवा लिया है। शुरुआती स्थानीय रिपोर्टों में सैकड़ों लोगों के घायल होने की बात सामने आ रही है, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने का काम किया जा रहा है। हालांकि, जान-माल और संपत्ति के नुकसान का पूरा और वास्तविक आंकड़ा सामने आने में अभी कुछ और वक्त लग सकता है क्योंकि दूरदराज के इलाकों से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की मुस्तैदी

आपदा के तुरंत बाद कोलंबिया की सरकार और आपातकालीन सेवाओं की टीमें हरकत में आ गईं और प्रभावित क्षेत्रों का लगातार जायजा ले रही हैं। प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना, घायलों का तुरंत इलाज सुनिश्चित करना और खतरे वाली इमारतों से लोगों को दूर रखना है। इसके अलावा, वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने लोगों को आने वाले संभावित आफ्टरशॉक्स (झटकों) को लेकर बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है ताकि किसी भी तरह की बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।

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