कोलंबिया में भयानक भूकंप का कहर, राष्ट्रपति ने किया आर्थिक आपातकाल का ऐलान

कोलंबिया में 10 अगस्त को आए 7.4 तीव्रता के बहुत ही शक्तिशाली भूकंप के बाद वहां के हालात अभी भी बहुत ज्यादा खराब बने हुए हैं। इस बड़ी प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 265 लोगों की जान जा चुकी है। इस दर्दनाक हादसे में 3,494 लोग घायल हुए हैं और करीब 496 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार की जा रही है।
राष्ट्रपति का बड़ा फैसला और आपातकाल
देश में मची भारी तबाही और संकट की इस घड़ी को देखते हुए राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रीएला ने देश के संविधान के नियमों के तहत आर्थिक आपातकाल की घोषणा कर दी है। राष्ट्रपति ने जानकारी दी है कि इस आपातकाल के जरिए एक खास फंड यानी विशेष कोष बनाया जाएगा। इस कोष में देश के अंदर से और दूसरे देशों यानी अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिलने वाली मदद के संसाधनों को इकट्ठा किया जाएगा। इस पैसे का इस्तेमाल सीधे तौर पर भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुए इलाकों में दोबारा निर्माण कार्य शुरू करने के लिए किया जाएगा। राष्ट्रपति ने इस घटना को देश के लिए बहुत बड़ी त्रासदी करार दिया है और कहा है कि घायलों को तुरंत मदद पहुंचाना और तबाह हुए मकानों व इलाकों को फिर से खड़ा करना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है।
हजारों मकान और इमारतें हुईं तबाह
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इस भयानक भूकंप की वजह से कुल 53,526 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 140 इमारतें ऐसी हैं जो पूरी तरह से जमींदोज हो चुकी हैं। सिर्फ घर ही नहीं बल्कि आम लोगों की जरूरत से जुड़ी दूसरी चीजें भी इसकी चपेट में आई हैं। भूकंप के कारण कुल 1,819 स्कूल और कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थान, 631 सामुदायिक केंद्र और 179 स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली इमारतें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
परिवहन और बुनियादी ढांचा हुआ चौपट
इस आपदा ने देश के आने-जाने के रास्ते और जरूरी सेवाओं के ढांचे को भी तहस-नहस कर दिया है। एक पैदल चलने वाला पुल पूरी तरह से नष्ट हो गया है, जबकि बड़े वाहनों के आने-जाने वाले 20 राजमार्ग पुल और सड़कों के 203 हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा आम जनता तक पानी पहुंचाने वाली 44 जल आपूर्ति प्रणालियों और कुल 5 हवाई अड्डों को भी काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।
प्रभावित परिवारों को दी जाएगी आर्थिक मदद
सरकार की तरफ से बनाए जाने वाले विशेष राहत कोष से अस्पतालों, स्कूलों, घरों, सड़कों और एयरपोर्ट्स को दोबारा ठीक करने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही जो परिवार इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और जो कारोबारी हैं, उनके लिए सरकार कई योजनाएं लाने की तैयारी कर रही है। इनमें घर का किराया चुकाने में मदद, बिजली-पानी जैसे उपयोगिता बिलों में राहत, टैक्स और वित्तीय छूट के साथ-साथ सीधे तौर पर आर्थिक सहायता देने की योजना शामिल है, जिससे आम लोगों को इस मुसीबत से बाहर निकाला जा सके।
कई देश भेज रहे हैं अपने राहत दल
इस संकट के समय कोलंबिया की मदद के लिए दुनिया के कई देश आगे आए हैं। अमेरिका, इजराइल, इक्वाडोर और अल सल्वाडोर से विशेष खोज और बचाव दल बहुत जल्द कोलंबिया पहुंचने वाले हैं। इसके अलावा स्विट्जरलैंड सरकार ने भी भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए 10 लाख स्विस फ्रैंक की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
यह तेज भूकंप 10 अगस्त की सुबह आया था जिसका केंद्र चोको विभाग में था। इस भूकंप के झटके न सिर्फ कोलंबिया के बड़े हिस्से में महसूस किए गए बल्कि आसपास के पड़ोसी देशों में भी धरती कांप उठी थी। अब कोलंबिया सरकार के सामने हजारों पीड़ित परिवारों को फिर से बसाने के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, घर और टूटे हुए बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट देख सकते हैं।