श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में 21 जुलाई 2026 को बड़ी संख्या में लोग अमेरिकी दूतावास के बाहर इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों ने ईरान के समर्थन में नारेबाजी की और Minab School के छात्रों व Ayatollah Seyyed Ali Khamenei की तस्वीरें हाथ में लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह पूरा घटनाक्रम IRNA News Agency द्वारा साझा किया गया है।
मिनाब स्कूल हमले का मामला
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से 28 फरवरी 2026 को ईरान के Minab में हुए मिसाइल हमले का मुद्दा उठाया। इस हमले में Shajareh Tayyebeh Elementary School पूरी तरह तबाह हो गया था। स्वतंत्र जांच के अनुसार, इस हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार माना गया। इस दुखद घटना में 156 नागरिक मारे गए थे, जिनमें 120 स्कूली बच्चे शामिल थे। यह आंकड़ा 2026 के ईरान युद्ध के दौरान किसी भी हमले में हुई सबसे बड़ी जनहानि है।
श्रीलंका का आधिकारिक रुख
ईरान के प्रति यह सहानुभूति नई नहीं है, इससे पहले भी मार्च 2026 और जून 2025 में श्रीलंका में ईरान के समर्थन में प्रदर्शन हो चुके हैं। इसके बावजूद, श्रीलंका सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस संघर्ष में तटस्थता बनाए रखी है। सरकार ने मार्च 2026 में अमेरिकी मांगों को मानने से इनकार कर दिया था और जून 2026 में अमेरिका व ईरान के बीच हुए सीजफायर समझौते का स्वागत किया था ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।
