Costa Rica सरकार ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को एक आतंकी संगठन घोषित कर दिया है. इस फैसले के बाद ईरान ने कड़ी नाराजगी जताई है और इसे पूरी तरह से गलत और गैरकानूनी बताया है. ईरान का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय नियमों और राजनयिक तौर-तरीकों के खिलाफ है.

ईरान ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?

ईरान के विदेश मंत्रालय की सहायक ज़हरा एरशदी ने कोस्टा रिका के इस कदम को निराधार और अन्यायपूर्ण बताया है. ईरान का दावा है कि कोस्टा रिका ने यह फैसला अमेरिका और इसराइल के दबाव और उनके सिखाए हुए तरीकों के चलते लिया है. उनके मुताबिक IRGC ईरान की एक संवैधानिक संस्था है जो देश की सुरक्षा के लिए काम करती है और बाहरी सैन्य हमलों का मुकाबला करती है.

कोस्टा रिका ने यह कदम क्यों उठाया?

कोस्टा रिका के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि यह फैसला आतंकवाद और उसकी फंडिंग को रोकने की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के तहत लिया गया है. इस फैसले से वहां की खुफिया एजेंसियों और कानूनी निकायों को आतंकी नेटवर्क्स की जांच करने और उन पर कार्रवाई करने में आसानी होगी. कोस्टा रिका की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने 6 अप्रैल 2026 की बैठक में इस पर मुहर लगाई थी.

किन संगठनों और देशों का है इसमें जिक्र?

कोस्टा रिका ने केवल IRGC को ही नहीं बल्कि अन्य संगठनों को भी आतंकी श्रेणी में डाला है. इसके अलावा कई अन्य देश भी IRGC को आतंकी संगठन मानते हैं.

संगठन / क्षेत्र स्थिति / विवरण
IRGC आतंकी संगठन घोषित
हिजबुल्लाह, हमास, अनसार अल्लाह आतंकी संगठन घोषित
यूरोपीय संघ, अल्बानिया, अर्जेंटीना IRGC को आतंकी संगठन मानने वाले देश
अमेरिका और इसराइल ईरान ने इन पर दबाव डालने का आरोप लगाया