दुनिया भर में बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को लेकर एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। SMC Global Securities की रिसर्च हेड वंदना भारती ने बताया है कि अगर मौजूदा हालात नहीं सुधरे तो कच्चा तेल 150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू सकता है। यह स्थिति इतनी गंभीर होगी कि वैश्विक स्तर पर सरकारों और राजनीतिक गठबंधनों को इसे रोकने के लिए आगे आना पड़ेगा। वर्तमान में भारत के क्रूड बास्केट की कीमतें भी माल ढुलाई और बीमा खर्च बढ़ने की वजह से काफी ऊपर जा चुकी हैं।

📰: कुवैत ने आसमान में मार गिराए 15 ड्रोन और मिसाइलें, सुरक्षा को लेकर रक्षा मंत्रालय ने जारी किया बड़ा बयान

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की मुख्य वजह क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में इस संभावित उछाल के पीछे कई बड़े कारण काम कर रहे हैं जो सीधे तौर पर सप्लाई और मांग को प्रभावित करते हैं:

  • Strait of Hormuz का बंद होना: रिपोर्ट के अनुसार अगर यह समुद्री रास्ता 4 से 8 हफ्तों के लिए बंद होता है, तो सप्लाई में भारी कमी आएगी।
  • युद्ध के हालात: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के लंबे समय तक खिंचने से तेल और गैस के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का डर है।
  • सप्लाई चेन में दिक्कत: माल ढुलाई (Freight) और इंश्योरेंस के दाम बढ़ने से कच्चा तेल पहले ही महंगा हो चुका है।
  • स्टॉक में कमी: इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के पास जो इमरजेंसी रिजर्व है, वह भारी किल्लत की स्थिति में केवल 20 दिनों की मांग ही पूरी कर पाएगा।

दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और आम आदमी पर क्या होगा असर?

कच्चे तेल के 150 डॉलर तक पहुंचने का मतलब है कि दुनिया भर में महंगाई का एक नया दौर शुरू हो सकता है। BlackRock और Goldman Sachs जैसी संस्थाओं ने भी इसको लेकर अलर्ट जारी किया है।

संस्था/विशेषज्ञ अनुमानित कीमत संभावित प्रभाव
Vandana Bharti (SMC) $150 वैश्विक हस्तक्षेप और सप्लाई में तबाही
BlackRock CEO $150 भारी महंगाई और आर्थिक सुस्ती
Morgan Stanley $150+ ग्लोबल शेयर बाजार में 25% तक की गिरावट
United Airlines $175 हवाई किराए और यात्रा लागत में भारी बढ़ोतरी

आम आदमी के लिए इसका सीधा मतलब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और ट्रांसपोर्टेशन महंगा होना है। जब ट्रांसपोर्ट महंगा होता है, तो बाजार में मिलने वाली हर चीज के दाम बढ़ जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के लिए यह स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है क्योंकि साल की शुरुआत में जो तेल 70-75 डॉलर पर था, वह अब काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.