अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच कच्चे तेल के बाज़ार से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर आई है। ईरान पर अमेरिकी हमलों के बावजूद वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है। अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव से तेल बाज़ार में कारोबारियों के बीच हलचल तेज़ हो गई है और लोग इस बात को समझने की कोशिश कर रहे हैं कि तनाव के बाद भी कीमतें नीचे क्यों आईं।

कच्चे तेल की कीमतों में कितना उतार-चढ़ाव आया?

26 मई 2026 को अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर नए हमलों की खबरों के बीच तेल की कीमतों में दो अलग-अलग रुझान देखने को मिले। तेल की कीमतों के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • WTI क्रूड: अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत में 5.46 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह गिरकर 91.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
  • ब्रेंट क्रूड: इसके विपरीत, नॉर्थ सी ब्रेंट क्रूड की कीमत में 1.6 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई और यह 97.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ था समझौता?

कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे एक दिन पहले हुए घटनाक्रम को भी जोड़कर देखा जा रहा है। 25 मई 2026 को अमेरिकी अधिकारियों की तरफ से जानकारी दी गई थी कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए एक शुरुआती समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत ईरान को अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को नष्ट करना होगा। इस समझौते को अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

क्या रहा है हालिया विवाद का इतिहास?

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी समय से चल रहा है। 8 मई 2026 को अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना था कि ये हमले अमेरिकी सेना पर हो रहे खतरों को खत्म करने के लिए किए गए थे। दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया था कि उसने एक ईरानी तेल टैंकर और नागरिक इलाकों को निशाना बनाया था। इससे पहले अप्रैल के महीने में दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने के लिए कई दौर की बातचीत भी हुई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान पर हमलों के बाद WTI क्रूड की कीमत कितनी रह गई है?

ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद WTI क्रूड की कीमत 5.46 प्रतिशत गिरकर 91.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है।

क्या ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी कोई बदलाव हुआ है?

हाँ, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट नहीं हुई बल्कि इसमें 1.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 97.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए क्या शर्तें रखी गई हैं?

शुरुआती समझौते के तहत ईरान को अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को नष्ट करना होगा, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति और ईरान के सर्वोच्च नेता की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.