Crude Oil Price Update: कच्चे तेल की कीमत 63 डॉलर से बढ़कर 116 डॉलर हुई, भारत में ईंधन की सप्लाई रहेगी स्थिर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखा गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, जनवरी में भारत का क्रूड बास्केट 63 डॉलर प्रति बैरल था, जो अप्रैल में बढ़कर 116 डॉलर तक पहुँच गया। इस भारी बढ़ोत्तरी के बावजूद सरकार ने साफ किया है कि देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह स्थिर है और आम जनता पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
भारत में तेल और गैस की सप्लाई का क्या हाल है?
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने एक ब्रीफिंग के दौरान बताया कि घरेलू स्तर पर ईंधन की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आई है। घरेलू रसोई गैस यानी LPG की सप्लाई सामान्य है और इसकी डिलीवरी क्षमता 93% रही है। साथ ही, घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की सप्लाई को 100% पर बनाए रखा गया है।
गैस और ईंधन सप्लाई से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण | स्थिति और आंकड़े |
|---|---|
| क्रूड तेल की कीमत (जनवरी) | 63 डॉलर प्रति बैरल |
| क्रूड तेल की कीमत (अप्रैल) | 116 डॉलर प्रति बैरल |
| LPG डिलीवरी क्षमता | 93% |
| PNG और CNG सप्लाई | 100% |
| कमर्शियल LPG बिक्री (अप्रैल) | 1,23,000 टन |
| 5 किलो सिलेंडर की बिक्री | 1,07,000 से ज्यादा |
| तेल का स्टॉक | अगले 2 महीने के लिए पर्याप्त |
कीमतें बढ़ने के पीछे मुख्य वजह क्या है?
पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से तेल की कीमतों में यह तेजी आई है। 20 अप्रैल 2026 को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया, जिससे तेल जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई। अमेरिका द्वारा ईरानी जहाज जब्त करने और तेहरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के बाद बाजार में तनाव बढ़ गया, जिससे ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़ गए। भारतीय रिफाइनर अब अलग-अलग स्रोतों से तेल कार्गो सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।