वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। आज यानी 10 जून 2026 को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल के दाम लगभग 1 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में तेल की कीमतें सात हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थीं, लेकिन अब इसमें सुधार दर्ज किया गया है। तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजार में घटती सप्लाई के कारण हुई है।
कच्चे तेल की नई कीमतें क्या हैं?
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों प्रमुख कच्चे तेल यानी Brent और WTI की कीमतों में आज बढ़त दर्ज की गई है। नीचे दी गई तालिका में आप आज की नई कीमतों को आसानी से समझ सकते हैं:
| तेल का प्रकार (Oil Type) | बढ़ोतरी (Increase) | नया दाम (प्रति बैरल) |
|---|---|---|
| Brent crude futures | 83 सेंट (0.9%) | $92.29 |
| US West Texas Intermediate (WTI) | 68 सेंट (0.8%) | $88.97 |
आखिर क्यों अचानक महंगे होने लगे तेल के दाम?
कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं। पहला कारण मिडिल ईस्ट (Middle East) में चल रही भू-राजनीतिक हलचल है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। दूसरा कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई का कम होना यानी टाइट सप्लाई है। इसके अलावा, अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक (US crude inventories) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बाजार में तेल की मांग अचानक मजबूत हुई है। संयुक्त अरब अमीरात की आधिकारिक समाचार एजेंसी (WAM) ने इस रिपोर्ट की पुष्टि की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Brent crude और WTI crude के नए दाम क्या हैं?
Brent crude 83 सेंट की बढ़त के साथ $92.29 प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि US WTI crude 68 सेंट की बढ़त के साथ $88.97 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह क्या है?
इस तेजी की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट के ताजा हालात, वैश्विक स्तर पर तेल की कम होती सप्लाई और अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक में आई बड़ी गिरावट है।
