Cyprus EU Summit: ईरान-इसराइल युद्ध पर जुटे दुनिया के बड़े नेता, मिडिल ईस्ट में शांति के लिए बना नया प्लान
Cyprus के निकोसिया में यूरोपीय संघ (EU) की एक बड़ी बैठक हुई। इस समिट में मिस्र, सीरिया, लेबनान और जॉर्डन के नेताओं ने यूरोपीय नेताओं के साथ मुलाकात की। बैठक का मुख्य मकसद अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले से पैदा हुए संकट को सुलझाना और इलाके में शांति लाना था।
यूरोपीय नेताओं ने शांति के लिए क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने कहा कि यूरोप को इस स्थिति को सुधारने के लिए और ज़्यादा काम करना होगा। उन्होंने क्षेत्रीय नेताओं के साथ इस मुलाकात को तालमेल बिठाने का एक ज़रूरी मौका बताया। साइप्रस के राष्ट्रपति Nikos Christodoulides ने कहा कि तनाव बढ़ाने के बजाय बातचीत और कूटनीति ही स्थिरता का एकमात्र रास्ता है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष Antonio Costa ने युद्ध के नुकसान पर दुख जताया और Strait of Hormuz को तुरंत और बिना किसी रोक-टोक के खोलने की मांग की। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की बात कही।
मिडिल ईस्ट के देशों ने क्या माँगे?
सीरिया के राष्ट्रपति Ahmad al-Sharaa ने कहा कि यूरोप और मिडिल ईस्ट की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और यूरोप को सीरिया की उतनी ही ज़रूरत है जितनी सीरिया को यूरोप की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसराइल की आक्रामकता को रोकने की अपील की। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने बताया कि युद्ध की वजह से उनके देश में मानवीय और आर्थिक हालात बहुत खराब हो गए हैं। बैठक में GCC के महासचिव Jasem Mohamed Al-Budaiwi ने भी हिस्सा लिया और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा की।
बैठक में और किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
इस समिट में युद्ध की वजह से ऊर्जा संकट और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर पर भी गहराई से बात हुई। साथ ही, सदस्य देशों के बीच आपसी मदद के लिए लिस्बन संधि के आर्टिकल 42(7) को लागू करने की संभावना पर चर्चा की गई। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने वीडियो कॉल के जरिए इस मीटिंग में शिरकत की। इसके बाद यूरोपीय संघ ने यूक्रेन के लिए 106 अरब डॉलर के लोन पैकेज को अपनी मंजूरी दे दी।