पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (AJK) में 27 जुलाई 2026 को विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हिंसक झड़पें शुरू हो गई। इस हिंसा में कई लोगों के हताहत होने की खबरें हैं। प्रदर्शनकारी राजनीतिक सुधारों और 12 विवादित विधानसभा सीटों को हटाने की मांग कर रहे थे, जिसके कारण इलाके में तनाव बना हुआ है।
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हिंसा और हताहतों पर अलग-अलग दावे
हिंसा के बाद मौतों के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। AJK पुलिस का कहना है कि एक अर्धसैनिक बल के जवान की मौत हुई और तीन पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की बात से उन्होंने इनकार किया। वहीं, पूंछ जिले के वरिष्ठ अधिकारी Sardar Waheed ने बताया कि हिंसा में सात आम नागरिक, एक अर्धसैनिक जवान और एक पुलिसकर्मी की मौत हुई। Jammu Kashmir Joint Awami Action Committee (JAAC) का दावा है कि दो दिनों की हिंसा में उनके कम से कम 25 समर्थक मारे गए हैं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख Volker Turk ने जून से अब तक कुल 31 मौतों की जांच कराने की अपील की है।
चुनाव पर असर
सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने पूंछ में मतदान को 10 अगस्त तक और राजधानी मुजफ्फराबाद में 2 अगस्त तक के लिए टाल दिया है। चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि JAAC ने इन चुनावों का बहिष्कार किया है और प्रमुख पार्टियों पर धांधली का आरोप लगाया है। बता दें कि JAAC को प्रशासन ने आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित कर रखा है।
