यमन में बड़ा हमला: हूती विद्रोहियों ने सैन्य ठिकानों पर बरसाईं मिसाइलें, सऊदी गठबंधन ने जताया गहरा दुख

यमन में हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए घातक हमले में यमन के कई सैनिकों की जान चली गई। यह हमला देश के Marib और Hadhramaut प्रांतों में हुआ, जहां विद्रोहियों ने सैन्य ठिकानों और कैंपों को निशाना बनाया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव को काफी बढ़ा दिया है और सुरक्षा हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
सऊदी गठबंधन की कड़ी प्रतिक्रिया
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले Coalition Joint Forces Command ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। गठबंधन के आधिकारिक प्रवक्ता Major General Turki Al-Maliki ने स्पष्ट किया कि वे यमन की वैध सरकार के साथ खड़े हैं और हूती गुट की ऐसी आक्रामक हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने शहीदों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा कि गठबंधन सरकार का समर्थन करना जारी रखेगा।
हमले का ब्यौरा और सरकारी बयान
यमन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले की शुरुआत सुबह 10:40 बजे हुई। हूतियों ने एक साथ बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया। मंत्रालय ने इसे एक 'कायरतापूर्ण हमला' करार देते हुए कहा कि वे इसका जवाब सही समय और सही जगह पर देंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में 30 से 45 सैनिकों की मौत हुई है, जबकि 50 से 80 सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं। हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और दावा किया कि यह सऊदी सैन्य गतिविधियों के जवाब में किया गया ऑपरेशन था।
बढ़ता तनाव और अंतरराष्ट्रीय चिंता
संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतावास ने भी इस हमले को आतंकवाद का उदाहरण बताया और इसकी निंदा की। यमन के स्वास्थ्य मंत्री ने घायलों के इलाज के लिए Marib और Hadhramaut के अस्पतालों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि अप्रैल 2022 से जारी अनौपचारिक संघर्ष विराम के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा और घातक हमला है। यह घटना उसी दिन हुई जिस दिन लाल सागर की सुरक्षा के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन की कमान एक सऊदी एडमिरल को सौंपी गई थी। इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखने के लिए आप Gulfhindi.com के साथ बने रह सकते हैं।