22 जनवरी, 2026 को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) के टर्मिनल 3 पर एक यात्री के बैग की सुरक्षा जांच के दौरान मानव कंकाल जैसा दिखने वाला एक ढाँचा मिला था। इस घटना से सुरक्षा एजेंसियां ​​शुरुआत में चौकन्नी हो गईं और तुरंत कार्रवाई की गई।

सुरक्षा एजेंसियों की तत्काल कार्रवाई

एक्स-रे स्क्रीनिंग के दौरान इस संदिग्ध वस्तु के सामने आने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत बैग को कब्जे में ले लिया और दिल्ली पुलिस को सूचना दी। यात्रियों के सामान की नियमित जांच के हिस्से के रूप में यह खोज हुई, जिसके बाद पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए मामले की जांच शुरू की।

वास्तविक कंकाल नहीं, बल्कि मेडिकल डेमो

दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच और मौके पर हुई पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि बरामद ढाँचा कोई वास्तविक मानव अवशेष नहीं था, बल्कि चिकित्सा छात्रों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रदर्शन कंकाल था। मेडिकल छात्र शरीर रचना विज्ञान और शारीरिक संरचना को समझने के लिए ऐसे कृत्रिम कंकालों का उपयोग करते हैं।

फोरेंसिक जांच और हवाई अड्डे का संचालन

हालांकि यह एक मेडिकल डेमो निकला, फिर भी दिल्ली पुलिस ने इसकी कृत्रिम प्रकृति की वैज्ञानिक रूप से पुष्टि करने के लिए इसे फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में भेजा है। हवाई अड्डे के प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इस घटना से टर्मिनल पर सामान्य स्थिति बनी रही और उड़ानों के संचालन या यात्रियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। एयर इंडिया की नीतियों के अनुसार, चिकित्सा बिरादरी द्वारा अनुसंधान के लिए कृत्रिम कंकाल की हड्डियों को एक प्राधिकरण पत्र के साथ ले जाने की अनुमति है।

GulfHindi Desk

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