दिल्ली की सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक और लंबे जाम से जूझ रहे लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। देश की राजधानी को ट्रैफिक समस्या से उबारने के लिए अब एक ‘हाई-टेक’ समाधान जमीन पर उतरने को तैयार है। दिल्ली को इस साल एक नहीं, बल्कि तीन ‘डबल डेकर कॉरिडोर’ का तोहफा मिलने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट न केवल दिल्ली के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में एक नया और आधुनिक अध्याय जोड़ेगा, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के सफर को भी बेहद आसान बना देगा।

एक ही पिलर पर नजर आएगा ‘थ्री-लेयर’ ट्रैफिक सिस्टम, सबसे ऊपर मेट्रो और उसके नीचे फर्राटे भरेंगे वाहन

दिल्ली में पहली बार इंजीनियरिंग का ऐसा बेहतरीन और अनोखा नमूना देखने को मिलेगा। इन कॉरिडोर्स का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि एक ही पिलर पर तीन अलग-अलग स्तरों (Levels) पर यातायात संचालित होगा। इसकी संरचना ऐसी होगी कि सबसे ऊंचाई पर मेट्रो ट्रेन चलेगी, उसके ठीक नीचे बने फ्लाईओवर पर कार और बाइक जैसे वाहन दौड़ेंगे, और सबसे नीचे की मौजूदा सड़क पर बसें व अन्य स्थानीय ट्रैफिक चलेगा। इस ‘डबल डेकर’ व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सड़क घेरने वाले पिलर कम होंगे, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या दूर होगी और आवागमन की सुविधा कई गुना बेहतर हो जाएगी।

भजनपुरा से यमुना विहार के बीच सफर होगा आसान, पेड़ों की कटाई के बाद रफ़्तार पकड़ चुका है रैंप निर्माण का काम

दिल्ली मेट्रो के फेज-4 का हिस्सा ये तीनों कॉरिडोर तेजी से बन रहे हैं, लेकिन इनमें भजनपुरा से यमुना विहार कॉरिडोर (1.4 किमी) सबसे पहले जनता को समर्पित किया जा सकता है। इसका मेट्रो वायडक्ट पूरी तरह तैयार है। पेड़ों की कटाई की अनुमति मिलने में हुई देरी की वजह से इसके रैंप का निर्माण कुछ समय के लिए रुका हुआ था, लेकिन अब यह बाधा दूर हो गई है और काम शुरू हो चुका है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में इस 6-लेन फ्लाईओवर को आम वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे पूर्वी दिल्ली के इस हिस्से में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा।

महरौली-बदरपुर रोड पर जाम से मिलेगी बड़ी राहत, संगम विहार से अंबेडकर नगर कॉरिडोर के 85 फीसदी पिलर तैयार

दक्षिणी दिल्ली में सफर करने वालों के लिए दूसरा प्रमुख कॉरिडोर संगम विहार से अंबेडकर नगर के बीच (2.4 किमी) गोल्डन लाइन पर बनाया जा रहा है। इस हिस्से में निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है और करीब 85 प्रतिशत पिलर का काम पूरा कर लिया गया है। इस साल के अंत तक इसके पूरी तरह तैयार होने की प्रबल संभावना है। इस कॉरिडोर के शुरू होने का सबसे बड़ा असर महरौली-बदरपुर रोड पर देखने को मिलेगा, जहां पीक आवर्स में लगने वाले भयंकर जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और उनका कीमती समय बचेगा।

आजादपुर से डेरावल नगर के बीच भी बदलेगी तस्वीर, साल के अंत तक वाहनों के लिए खोलने का है लक्ष्य

तीसरा महत्वपूर्ण कॉरिडोर आजादपुर से डेरावल नगर (880 मीटर) के बीच आकार ले रहा है, जो फेज-4 के जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर का अहम हिस्सा है। यहां भी निर्माण एजेंसियां दिन-रात काम कर रही हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी नींव और पिलर का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दावा किया जा रहा है कि इसे भी इसी वर्ष के अंत तक वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। इन तीनों प्रोजेक्ट्स के पूरा होते ही दिल्ली की सड़कों पर एक नई और सुगम यातायात व्यवस्था देखने को मिलेगी।

GulfHindi Desk

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