दिल्ली में सार्वजनिक वाहनों के लिए अनिवार्य किए गए पैनिक बटन और Vehicle Location Tracking Systems (VLTS) को लेकर ड्राइवर काफी परेशान हैं। ड्राइवरों का आरोप है कि कुछ इन्फ्लुएंसर्स और बिचौलिए मिलकर इस सरकारी योजना का फायदा उठा रहे हैं और पैनिक बटन को तय कीमत से कहीं ज्यादा दाम पर बेच रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
बाजार में एक पैनिक बटन की वास्तविक कीमत INR 3,500 से INR 4,000 के बीच है। हालांकि, ड्राइवरों का कहना है कि उनसे इसके बदले INR 5,500, INR 6,500 या फिर INR 7,500 तक की रकम वसूली जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 14 और 17 मई 2026 को यह नियम लागू किया गया था, जिसके तहत सार्वजनिक परिवहन वाहनों में ये सिस्टम होना जरूरी है।
सरकारी नियम और विवाद
दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की देखरेख में Kashmiri Gate बस टर्मिनल पर इसके लिए एक कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। इसके अलावा 7 अक्टूबर 2024 को दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने नए टैक्सी रजिस्ट्रेशन के लिए भी इसे अनिवार्य कर दिया था। बिना पैनिक बटन के अब गाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट नहीं मिलता है।
यह मामला पुराना है और पहले भी BJP ने इसे लेकर घोटाले के आरोप लगाए थे। Anti-Corruption Branch (ACB) की जांच में भी मार्च और सितंबर 2024 के दौरान बसों में कई पैनिक बटन खराब पाए गए थे। अब ड्राइवर बिचौलियों के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि इस शोषण को रोका जा सके।
